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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस : बेडिय़ां तोड़ हौसलों को उड़ान दे रही है हमारी लाडलियां

बेटों के अनुपात में बेटियां कम, लेकिन पढ़ाई का अनुपात ज्यादा
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उदयपुर

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Krishna Kumar Tanwar

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Updated: 11 Oct 2019, 8:00 PM IST

Anand Bhawan School student question to ASP

girl day

चंदन सिंह देवड़ा/उदयपुर.बेटियों के कदम आंगन में मुस्कान बिखेरने के साथ नील गगन में अंतरिक्ष को नाप रहे है शिक्षा, साहित्य, विज्ञान, खेल, राजनीति और फिल्म जगत में बेटियों ने दमखम दिखाया है। बदलते दौर में सामाजिक बेडिय़ां तोड़ बेटियों ने साबित कर दिया है कि वे बेटों से कम नहीं है और इसी के चलते समाज की मानसिकता बदल रही है। समाज का हर वर्ग आज बेटियों को पढ़ाना- लिखाना चाहता है। यही वजह है कि उदयपुर जिले में लिंगानुपात से ज्यादा बेटियां स्कूलों में नामांकित हुई है। सामान्य वर्ग की बेटियों का नामांकन बेटो से ज्यादा है तो कुछ ब्लॉक में अन्य पीछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की बेटियां पढऩे में आगे है।

लिंगानुपात में कम लेकिन पढऩे में आगे..

2011 की जनसंख्या आंकड़ो के हिसाब से प्रदेश में 1 हजार बालकों पर 958 बालिकाएं है इधर बात करे विद्यालयों में नामांकन की तो उदयपुर जिले में 1 हजार बालकों पर 961 बालिकाएं नामांकित है जो सकारात्मक बदलाव का परिणाम है। जिले के सरकारी विद्यालयों में इस सत्र में कुल 5 लाख 4 हजार 769 विद्यार्थी नामांकित है जिनमें से 2 लाख 47 हजार 433 बालिकाएं है।

ऐसे समझे स्कूल की ओर बेटियों के बढ़ते कदम

-जिले के सभी 17 ब्लॉक में सामान्य वर्ग की बालिकाओं की संख्या बालकों की तुलना में ज्यादा है।

-भीण्डर, लसाडिय़ा और कोटड़ा को छोड़ सभी ब्लॉक में अन्य पीछड़ा वर्ग की बालिकाएं अधिक है।

-फलासिया, खेरवाड़ा और सराड़ा में अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को नामांकन ज्यादा है।

-गिर्वा, झाड़ोल, खेरवाड़ा, लसाडिय़ा, मावली, ऋषभदेव, सायरा व सलूम्बर में अनुसूचित जाति की बेटियां आगे है।

-झल्लारा, खेरवाड़ा, कोटड़ा, लसाडिय़ा, ऋषभदेव, सलूम्बर, सराड़ा और सेमारी में एसबीसी की बालिकाओं का नामांकन बालकों से अधिक है।

इनका कहना है

वास्तव में सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। बेटियों को शिक्षित करने से समाज शिक्षित होगा यह सोच आमजन में अब झलकने लगी है। यही कारण है कि हर वर्ग की बेटियां पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।

त्रिभुवन चौबिसा, कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा