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JagannathRathyatra रजत रथ में सवार हो प्रभु जगन्नाथ आज पहुंचेंगे भक्तों के बीच, सैंकड़ाें श्रद्धालु खींचेंगे रथ

JagannathRathyatra जगदीश चौक से 3.30 बजे शुरू होगी रथयात्रा, 21 तोपों की दी जाएगी सलामी, रथयात्रा में बैंड-बाजे, 21 घोड़े, 25 झांकियां और 1100 महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलेंगी, रात 10.30 से 11 के बजे के बीच वापस जगदीश मंदिर पहुंचेगी

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JagannathRathyatra आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को हर वर्ष पुरी धाम की तर्ज पर उदयपुर में निकाली जाने वाली जगन्नाथ रथयात्रा मंगलवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ निकाली जाएगी। जगन्नाथ रथयात्रा समिति व विभिन्न संगठनों की ओर से इसकी तैयारियां की जा चुकी हैं। भगवान जगन्नाथ स्वामी 21 फीट ऊंचे चांदी के रथ में विराजित होकर नगर में भ्रमण पर निकलेंगे। जगदीश चौक से रथ यात्रा शुरू होगी। जिसमें 100 से अधिक समाज एवं संगठनों की भागीदारी रहेगी। रजत रथ को भक्तों द्वारा खींचा जाएगा, जो पारंपरिक धोती, कुर्ता, पाग धारण करेंगे। इससे पहले 21 बंदूकों की सलामी दी जाएगी। तत्पश्चात रथ यात्रा प्रारंभ होगी।

रात 8.30 आरएमवी चौराहे पर होगी महाआरती

समिति के राजेंद्र सेन ने बताया कि रजत रथ में श्रीकृष्ण, लक्ष्मीजी के साथ होगी जगन्नाथ राय की काष्ठ की प्रतिमाएं होंगी। मार्ग में सेवक गोमूत्र एवं गंगाजल का छिड़काव करते चलेंगे। समाज मंदिरों की ओर से प्रभु का स्वागत होगा। रथयात्रा में बैंड बाजे, 21 घोड़े, 25 झांकियां और म्यूजिक सिस्टम होगा, जिस पर कृष्ण भजन सुनाई देंगे। इसमें 1100 महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलेगी। जगदीश चौक से दोपहर 3:30 बजे रथ यात्रा प्रारंभ होगी। इसके 8:30 बजे आरएमवी चौराहे पर पहुंचने पर भव्य आरती होगी। रात 10:30 से 11:00 के बीच रथयात्रा वापस जगदीश चौक पहुंचेगी, जहां भव्य आरती होगी एवं महा प्रसादी होगी।

सुबह 5 बजे होगी मंगला आरती, केसरिया वस्त्र व आभूषणों में होगा शृंगार

मंदिर पुजारी परिषद के हेमेंद्र पुजारी और जगदीश पुजारी ने बताया कि प्रभु जगन्नाथ स्वामी की प्रातः 5:00 बजे मंगला आरती होगी। पंचामृत स्नान, केसरिया वस्त्र एवं विशेष आभूषण ठाकुरजी को धराए जाएंगे। प्रातः 10:30 शृंगार आरती व 11:30 बजे विशेष राजभोग कराया जाएगा। अपराह्न 12:30 से 1:00 के बीच मंदिर परिसर में काष्ठ से बने पारंपरिक रथ में लड्डू गोपाल व छोटे स्वरूप के राधा-कृष्ण के विग्रह विराजित किए जाएंगे। रथ यात्रा में आगे काष्ठ का हाथी, पीछे ठाकुरजी का रथ होगा। इनके आगे कीर्तनकार परंपरानुसार भजनों से प्रभु को रिझाते हुए परिक्रमा करेंगे। रथ यात्रा मंदिर में स्थित नौ स्थानों पर रुकेगी। सूर्य मंदिर में भगवान सूर्यनारायण का विशेष शृंगार होगा व भोग धराया जाएगा। विशाल रथ यात्रा का संचालन समिति के संयोजक दिनेश मकवाना ,सह संयोजक हेमंत पुजारी ,जगदीश पुजारी आदि अपनी टीम के साथ सहयोग से करेंगे।

भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

रथ समिति के अध्यक्ष राजेंद्र श्रीमाली एवं टीम की ओर से सोमवार को भजन गायिका आशा वैष्णव पार्टी द्वारा जगदीश चौक प्रांगण में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दी। भक्तगण भजनों पर झूमे ,नाचे और आनंदित हुए ।


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