- मेरा शहर-मेरा मुद्दा के तहत वार्ड 12 के लोगों बताई समस्याएं
उदयपुर. पुराने में शहर में झील के किनारे बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट मौजूद हैं, यहां पर्यटक भी रूकते हैं। देर रात बाहर से आने वाले पर्यटकों को खाना भी नसीब नहीं होता। आसपास के क्षेत्र में रात को रेस्टोरेंट और होटल पर खाना मिलना चाहिए। स्मार्ट सिटी के काम में हुए निर्माण कार्य में सड़कें काफी फिसलन भरी बनाई गई है। आए दिन इन पर फिसलकर दुपहिया वाहन चालक और लोग गिर रहे हैं। यह बात वार्ड 12 के लोगों ने राजस्थान पत्रिका के मेरा शहर-मेरा मुद्दा कार्यक्रम के दौरान कही।
स्थानीय नागरिकों ने ये कहा
- रमेश पुरोहित ने बताया कि नगर परिषद कॉलोनी में सड़कें क्षतिग्रस्त है। यहां स्मार्ट सिटी के तहत काम होने वाला है, लेकिन मानसून आने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- भरत कुमावत ने बताया कि मांझी का मंदिर में दर्शन का समय कम दिया गया है। सुबह 8 बजे तक निशुल्क होने के बावजूद लोगों से टिकट लिए जा रहे हैं। मंदिर मर्यादा का ध्यान भी नहीं रखा जा रहा।
- रोहित चौबीसा ने बताया कि लोगों के विरोध-प्रदर्शन पर चांदपोल और आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक की वन-वे व्यवस्था की गई थी। इसका पालन वर्तमान में कोई नहीं कर रहा। इसे सख्ती से लागू किया जाए।
- शंकर कसारा ने बताया कि मंदिरों में प्रवेश को लेकर देवस्थान विभाग को नियम-कायदे तय करने चाहिए। इन नियमों का पालन नहीं करने वालों को मंदिरों में प्रवेश नहीं देना चाहिए।
- जय सोनी ने बताया कि जगदीश चौक और चांदपोल क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से शहर का हृदय स्थल है। यहां रात 11 बजे बाद भोजन की व्यवस्था नहीं होने से पर्यटक परेशान होते हैं।
नीलेश सोनी ने बताया कि लाख समझाने के बावजूद लोग झीलों में कचरा डालने से बाज नहीं आ रहे। झील के किनारे झालियां लगाई जाए और झीलों में कचरा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।