सुविवि में 2018 की भर्ती जांच बोम की सिफारिश के बावजूद ऐसे दबी
चंदनसिंह देवड़ा/उदयपुर.मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय प्रशासन बोम की बैठक को कितना गंभीरता से लेता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 7 सितम्बर को हुई बोम बैठक के निर्णय भी लागू नहीं हो सके। इस बैठक में जहां 2018 में भर्ती के चलते सिंगल एक्सपर्ट बुलाए जाने मामले की जांच करने के लिए कमेटी गठित करनी थी जिसे 15 दिन में जवाब रिपोर्ट पेश करना था लेकिन कमेटी तक गठित नहीं हुई। अब 1 दिसम्बर को फिर से बोम बैठक होनी है हालांकि इसमें दीक्षांत समारेाह को लेकर चर्चा होगी लेकिन पुराने निर्णय लागू नहीं होने से एनएसयूआई हरकत में आ गई है। शुक्रवार को प्रदेश महासचिव मोहित नायक के नेतृत्व में एनएसयूआई ने रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपते हुए पुराने निर्णयों को लागू करवाने की मांग की। प्रोफेसर ढाका प्रकरण में भी 3 सदस्य कमेटी गठित होनी थी जिसके अध्यक्ष राज्य सरकार द्वारा नामित विधायक प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह शक्तावत होने थे, परंतु उसमें भी विश्वविद्यालय ने अभी तक कोई आदेश नहीं निकाला।डॉ नीरज रावत प्रकरण में भी एक कमेटी गठित होनी थी लेकिन अभी तक उसमें भी कोई कार्यवाही नहीं हुईराजेश दुबे प्रकरण में भी कुछ नहीं किया गया।