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उदयपुर : अविश्वास प्रस्ताव खारिज, बच गई कुराबड़ प्रधान और उप प्रधान की कुर्सी, video

बैठक में नहीं पहुंचे सदस्य, समर्थकों के साथ दूर से नजारा देखते रहे प्रधान-उप प्रधान

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बम्बोरा (गींगला). कुराबड़ प्रधान अस्मा खान पठान और उप प्रधान जोगेन्द्र पटेल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को खारिज हो गया। वही और वैसे ही हुआ, जिसके संकेत राजस्थान पत्रिका ने प्रस्ताव लाए जाने के तुरंत बाद दे दिए थे। प्रस्ताव लाने वाले ही बैठक में नहीं आए। प्रक्रिया के अनुसार बैठक तो बुलाई गई, लेकिन एक भी सदस्य नहीं आया और और प्रधान-उपप्रधान की कुर्सी अगले दो साल के लिए सुरक्षित हो गई।

सुबह 11 बजे प्रधान के खिलाफ प्रस्ताव पर बैठक एवं चर्चा होनी थी, लेकिन तय समय तक एक भी सदस्य नहीं पहुंचा। समय बीतने के बाद कांग्रेस समर्थित सदस्य आशा बुज पहुंचीं। इससे पहले रिटर्निंग ऑफिसर तहसीलदार बृजेश गुप्ता ने बैठक को निरस्त और प्रस्ताव को खारिज करने का फैसला सुना दिया। नायब तहसीलदार मुबारिक हुसैन, गिर्वा वृताधिकारी ओमकुमार, कुराबड़ थानाधिकारी मिठूसिंह जाप्ते के साथ तैनात रहे। घोषणा होते ही प्रधान के समर्थकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारे और आतिशबाजी शुरू कर दी। यही सब कुछ अपराह्न तीन बजे उपप्रधान के खिलाफ प्रस्ताव पर बैठक के दौरान और उसके बाद भी हुआ। देहात जिलाध्यक्ष गुणवंत सिंह झाला, शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, अल्पसंख्यक मोर्चा देहात जिलाध्यक्ष नत्थे खान पठान, जिला महामंत्री एवं प्रभारी चन्द्रगुप्तसिंह चौहान, रामकृपा शर्मा, कुराबड़ मंडल अध्यक्ष गंगाराम डांगी, देबारी मंडल के नंदलाल वेद, झामेश्वर मंडल अध्यक्ष अमृत मेनारिया, महिला मेार्चा प्रदेश मंत्री अलका मूंदडा आदि मौजूद थे। दूसरी ओर, भींडर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुबेरसिंह चौहान, डॉ. कमलेन्द्र सिंह बेमला भी समर्थकों के साथ पंचायत समिति से कुछ दूरी पर नजरें जमाए रहे। इस खेमे ने सदस्यों की खरीद-फरोख्त के आरोप भी लगाए।

प्रस्ताव गिरते ही प्रधान एवं उप प्रधान के समर्थकों ने बीच सडक़ अतिशबाजी शुरू कर दी। नारे भी लगाने लगे। प्रधान व उप प्रधान के लिए मालाएं भी लाई गई थीं। इन्होंने उपरणे तो ओढ़ लिए, लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया के जरिए पूर्व चिकित्सा मंत्री दिगम्बर सिंह के निधन का पता चला, सबने दुपट्टे उतारकर वापसी कर ली।

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मनमुटाव दूर करेंगे
अविश्वास लाने वाले सदस्यों से भी मिल-बैठकर मन मुटाव दूर करेंगे। अब कुराबड़ पंचायत समिति के भवन सहित विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
अस्मा खान पठान, प्रधान, कुराबड़
कुराबड़ में विपक्ष है और बना रहेगा। सदस्यों की खरीद-फरोख्त की गई। यह केवल ड्रामा था, जिसका सबको पता था।
कुबेरसिंह चौहान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, भींडर
कुराबड़ पंचायत समिति के इस मामले की जैसे ही मुझे जानकारी मिली, मैंने महामंत्री चन्द्रगुप्तसिंह को नियुक्त कर जांच करने और प्रस्ताव गिरवाने को कहा। कोई गुटबाजी नहीं है, मनमुटाव मिल बैठकर निपटाया जा सकता है।
गुणवंतसिंह झाला, जिलाध्यक्ष, भाजपा देहात जिला