
अब कैसे उड़ी सरकारी नींद: पीपीई किट कैसे पहनाना-उतारना है
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. राजस्थान में कोरोना ने अपने पैर तेजी से पसारे हैं, लेकिन उसे नियंत्रित करने वाले सरकारी सिस्टम में जो लेटलतीफी है उसके भी क्या कहने। मार्च से शुरू हुए कोविड-19 के प्रकोप को लेकर पूरा अप्रेल निकल गया और मई की शुरुआत में सरकार को अब ये याद आ रहा है कि डॉक्टरों को पीपीई किट को पहनना और उतारना आना चाहिए। ये सच है कि सभी को इसकी जानकारी होनी चाहिए, लेकिन इसका प्रशिक्षण इतने समय बाद ये समझ से परे हैं। हाल मे ंसरकार ने इसके आदेश जारी किए हैं। पीपीइ किट के बारे में सभी जानते है कि ये वह ड्रेस होती है जो चिकित्सकों व अन्य कोविड-19 के संक्रमण क्षेत्र में काम करने वाले कार्मिकों को सुरक्षित रखती है।
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कोविड-19 के गंभीर रोगियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वेंटिलेटर का प्रशिक्षण संबंधित मेडिकल कॉलज के माध्यम से करवाया जाएगा। निदेशक जनस्वास्थ ने आदेश जारी किया है कि संस्थान में कार्यरत मेडिसिन, एनेस्थिेटिक, क्षय रोग व अन्य विशेषज्ञों के साथ-साथ नर्सिंगकर्मियों के नाम जिन्हें वेंटिलेटर का प्रशिक्षण करवाया जाना है उनकी सूचना भी निदेशालय भेजी जाएगी।
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ये भी शामिल रहेगा प्रशिक्षण में - इसमें पीपीइ में शामिल चश्मों को पहनने, फेस शिल्ड लगाने, मास्क पहनने, ग्लब्ज पहनने, गाउन पहनने जो सिखाया जाएगा कि कब उन्हें इसके साथ एप्रेन पहनना है और कब नहीं। इसमें मास्क में भी ट्रिपल लेयर और रेस्पिरेटर मास्क कैसे पहनना है ये सिखाया जाएगा। सरकार ने इसे लेकर पूरी गाइडलाइन जारी की है।
Published on:
03 May 2020 11:38 am
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