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आठ शेरों से आबाद होगी राजस्‍थान की पहली लॉयन सफारी

3.64 करोड़ की लागत से तैयार होगी लॉयन सफारी, 26 हैक्टेयर में रहेगा Òजंगल का राजाÓ    

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आठ शेरों से आबाद होगी राजस्‍थान की पहली लॉयन सफारी

हमारी लॉयन सफारी (Lion Safari) आठ शेरों से आबाद होगी। इनमें से दो (एक जोड़ा) को लाने की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि शेष छह के लिए वन विभाग के अधिकारी देश के विभिन्न चिडि़याघरों के सम्पर्क में हैं। शेरों को रखने के लिए एनक्लॉजर सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी माह निविदा प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

लॉयन सफारी बनाने के लिए वन विभाग के पास 3.64 करोड़ के बजट का प्रावधान है। जिसमें 26 हेक्टेयर में एक एनक्लॉजर बनाया जाएगा। जिसमें जानवर (शेर) का हॉल्डिंग एरिया और दर्शकों के लिए डिस्प्ले एरिया शामिल होगा। पिछले करीब पांच साल से चल रही इस मशक्कत के तहत पहली सफलता हाल ही में मिली है, जब जूनागढ़ (गुजरात) से शेर के एक जोड़े को लाने की मंजूरी केंद्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण से प्राप्त हुई है। विभाग चाहता है कि जहां से भी मिले स्वस्थ शेर मिले ताकि उन्हें सफारी में लम्बे समय तक रखा जा सके। जूनागढ़ से शेर का पहला जोड़ा छह माह की अवधि में उदयपुर पहुंच जाएगा।

टाइगर सफारी के लिए करना होगा इंतजार

उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल (Sajjan Garh Biological Park) पार्क में लॉयन और टाइगर सफारी के लिए करीब छह साल पहले प्रस्ताव केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण को भेजे गए थे। जिन्हें अप्रेल 2023 में मंजूरी मिली थी। इसके तहत 26 हेक्टेयर में टाइगर सफारी भी प्रस्तावित है। जिसकी अनुमानित लागत 3.8 करोड़ रुपए हैं। लेकिन विभाग लॉयन सफारी के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रहा है। टाइगर सफारी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

बायोलॉजिकल पार्क के पीछे खुले में घूमते दिखेंगे शेरलॉयन सफारी बायोलॉजिकल पार्क के पीछे की ओर तैयार की जा रही है। जहां बाड़े में शेर खुले में घूमते देखे जा सकेंगे। इसके लिए बॉयोलॉजिकल पार्क के अलावा अलग से टिकट होगा। जिसकी टिकट दरें वन विभाग की कमेटी बाद में तय करेगी।