करणी सेना संरक्षक कालवी और विधायक भीण्डर रहे मौजूद, प्रताप जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजन।
गोगुन्दा. महाराणा प्रताप की 478वीं जयंती की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राजपूत करणी सेना की ओर से आयोजन हुए। कस्बे में शोभायात्रा निकालने के बाद समारोह हुआ। आयोजन में बतौर अतिथि शामिल हुए करणी सेना संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने महाराणा प्रताप के इतिहास के साथ ही पद्मावत फिल्म पर रोक और आरक्षण जैसे मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भीण्डर भी बतौर अतिथि मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि करणी सेना संरक्षक कालवी ने कहा कि महाराणा प्रताप त्याग व शौर्य की प्रतिमूर्ति थे। देश प्रताप और शिवाजी के शौर्य को नहीं भूल सकता। प्रताप ने सभी वर्गों को साथ लेकर मेवाड़ की रक्षा की। महल छोड़ जंगलों में रहते हुए मुगलों से लोहा लिया, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। मेवाड़ बरसों से त्याग की धरती रही है। रानी पद्मावती, पन्नाधाय, मीरा जैसी शक्ति की यह स्थली है, लेकिन आज कुछ व्यक्ति इतिहास को तोड़मरोड़ कर समाज को बदमान करने का षडयंत्र कर रहे हैं। पद्मावती फिल्म को लेकर करणी सेना के साथ राजपूत समाज ने सबक सिखाया है। जिससे बरसों तक कोई इतिहास से छेड़छाड़ नहीं करेगा। 14 राज्यों में पद्मावत फिल्म बैन करने की मांग की। यह समाज की शक्ति का उदारण है।
कालवी ने आरक्षण की मांग करते हुए कहा कि आरएसएस के मोहन भागवत ने भी आरक्षण पर समीक्षा करने की बात कही। आरक्षण पात्र को मिलना चाहिए। उन्होंने हाल ही में राजसंमद विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी की ओर से दिए गए विवादित बयान का जिक्र करते हुए इसे समाज का अपमान बताया। उन्होने कहा कि करणी सेना के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर 23 सितम्बर को चितौडग़ढ़ में राजपूत सम्मेलन होगा।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपालसिंह मकराना, वल्लभनगर विधायक रणधीरसिंह भीण्डर ने कहा कि इतिहास से छेड़छाड़ करने वालों के लिए सबक जरुरी है।
उन्होंने पाठ्य पुस्तकों में राजपूत योद्धाओं के जीवन चरिर्थ को तोड़मरोड़ कर पेश करना बताया। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष कर्ण प्रतापसिंहसिंह सिसोदिया, उपाध्यक्ष कुलदीपसिंह ताल, समानता मंच के दिग्यविजयसिंह चुण्डावत, देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, जौहर क्षत्राणी मंच की संगीता कुंवर चौहान, भाजपा मण्डल अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह झाला, क्षत्रिय महासभा के लक्ष्मणसिंह झाला, कुलदीपसिंह चुण्डावत, देवेन्द्रनाथ, लालसिंह देवड़ा मौजूद थे।
निकली शोभायात्रा
घोलीघाटी से वाहन रैली निकली। शोभायात्रा बस स्टैण्ड कुम्हारवाड़ा होते हुए राजतिलक स्थल पहुंच सभा में परिवर्तित हुई। अतिथियों ने प्रताप के राजतिलक स्थल पर पुष्प चढ़ा कर नमन किया। प्रतिभावान बालिकाओं को सम्मानित किया। प्रताप जयंती के मौके पर शनिवार को विविध आयोजन होंगे। राजतिलक सेवा समिति गोगुन्दा की ओर से शोभायात्रा व सभा होगी। जुलूस में बड़ी तादाद में ग्रामीणों की भागीदारी रहेगी।