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पर्यूषण महापर्व पर विशेष: पार्श्वनाथ प्रभु के 108 तीर्थों में से एक है सवीना का मंदिर

Paryushan Mahaparva 2023: सवीना खेड़ा में स्थित पार्श्वनाथ भगवान का मंदिर अतिप्राचीन है।

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर। Paryushan Mahaparva 2023: सवीना खेड़ा में स्थित पार्श्वनाथ भगवान का मंदिर अतिप्राचीन है। यह मंदिर बांसवाड़ा की ओर जाने वाले मुख्य सड़क के दाहिनी ओर करीब 100 मीटर अंदर बना हुआ है। यह पार्श्वनाथ प्रभु के 108 तीर्थों में से एक है। इस मंदिर की निर्माण कला और बनावट को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि मंदिर लगभग 2000 साल पुराना हो, लेकिन मंदिर पर ऐसा कोई शिलालेख नहीं है, जिसके आधार पर निश्चित समय का उल्लेख किया जा सके। इस शिखरबंद मंदिर में प्रवेश करते समय दोनों ओर हाथी बने हुए हैं।

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मंदिर में ये प्रतिमाएं मौजूद
पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा (मूलनायक) 19 इंच ऊंची श्याम पाषाण की है। सर्प के छत्र के साथ 21 इंच और परिकर के साथ 41 इंच ऊंची है। यह पंच तीर्थी प्रतिमा है। मूलनायक के दाहिनी ओर सुमतिनाथ या अनंतनाथ भगवान की प्रतिमा है। यह प्रतिमा 19 इंच ऊंची श्वेत पाषाण की है। इसका लांछन पक्षी बना हुआ है। पक्षी का चिह्न कुछ अलग तरह का है। मूलनायक के बायीं ओर धर्मनाथ स्वामी की 19 इंच ऊंची श्वेत पाषाण की प्रतिमा है। इसके नीचे यह लेख में वि.स. 1699 का उल्लेख है। इसी प्रकार मंदिर से बाहर निकलते समय बाहरी सभा मंडप में दायीं ओर आलिए में पार्श्वयक्ष की प्रतिमा 9 इंच ऊंची तथा गद्दी तक 13 इंच श्वेत पाषाण की है। बायीं ओर आलिए में पद्मावती देवी की प्रतिमा 9 इंच ऊंची श्वेत पाषाण की है।