4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उदयपुर में सुबह से लगातार हो रही वरदातें, आज की तीसरी वारदात में पुलिस को नाकेबंदी के दौरान मिली ऐसी चीज, देखकर पुलिस खुद रह गई हैरान

पुलिस ट्रक में मिले कागजों के आधार पर ट्रक मालिक व चालक का पता लगाने में जुटी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Jyoti Jain

•

Updated: 28 Jun 2018, 10:55 AM IST

police nakabandi rishabhdev police thana Illegal liquor seized udaipur

उदयपुर में सुबह से लगातार हो रही वरदातें, आज की तीसरी वारदात में पुलिस को नाकेबंदी के दौरान मिली ऐसी चीज, देखकर पुलिस खुद रह गई हैरान

उदयपुर में हुई आबकारी कर्मचारी की हत्या के बाद जिले भर में की गई नाकेबंदी के दौरान ॠषभदेव थाना पुलिस को एक ट्रक में करीब 15 लाख रुपए की अवैध शराब मिली है। यह शराब हरियाणा निर्मित होकर बैट्रियों के बीच दबाकर गुजरात तस्करी के लिए ले जाई जा रही थी।

READ MORE: राजस्थान के उदयपुर में सनसनीखेज घटना, अपहरण कर बेटी के सामने की कर डाला पिता का मर्डर


उदयपुर में मध्यरात्री के बाद में कुछ कार सवार युवकों ने आबकारी कर्मचारी की चाकू गोद कर हत्या कर दी थी। उसके बाद आरोपियों की गाड़ी की धड़पकड़ के लिए जिलेभर में नाकेबंदी करवाई गई थी। अहमदाबाद हाइवे पर ॠषभदेव थाना क्षेत्र में एक ट्रक चालक दूर से ही नाकाबंदी देख ट्रक छोड़ भागा। संदेह होने पर पुलिस ने ट्रक की जांच की तो उसमें बैट्रियों के बीच में हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब के कर्टन दबे मिले।

READ MORE: आबकारी कर्मचारी के कत्ल के बाद उदयपुर में हुई आज की ये दूसरी बड़ी घटना, मौके पर ही हो गई युवक की मौत, सड़क पर हर तरफ फैला खून


पुलिस ने ट्रक जब्त कर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज किया। पुलिस ट्रक में मिले कागजों के आधार पर ट्रक मालिक व चालक का पता लगाने में जुटी है।

READ MORE: पांच दिन बाद भी देह को नहीं मिला मोक्ष

उदयपुर/कोटड़ा। माना कि परम्पराएं अपनी जगह है, लेकिन शव की इतनी बेकद्री तो नहीं करें। संवेदनाएं यहां के अफसरों व जनप्रतिनिधियों की भी मर गई है तभी तो उदयपुर के कोटड़ा के वागावत गांव में पांच दिन से युवक का शव खुले में पड़ा है। बारिश से शव भीग रहा है,लेकिन किसी को परवाह नहीं। मौताणे को लेकर सहमति नहीं बनने से लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अमला भी कमजोर पड़ गया। राज्य मानवाधिकार आयोग ने हालांकि इस ढिलाई पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से स्पष्टीकरण मांग लिया है। आयोग ने कहा कि आनंदपाल प्रकरण में निर्देश देने के बावजूद सरकार ने मौताणे की मांग करने वालों से अंतिम संस्कार को लेकर बात क्यों नहीं की? आयोग ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर यह आदेश दिया है।