Monsoon Update 2024 : मेवाड़-वागड़ में प्री-मानसून सक्रिय हो गया है। माना जा रहा है कि इस बार मानसून में भी अच्छी बरसात होगी। मानसून के 25 जून या उसके बाद ही प्रदेश में हाड़ौती के रास्ते प्रवेश करने की संभावना है।
Monsoon Update 2024 : उदयपुर। बीते दिनों से लगातार बदल रहे मौसम के बीच फिर बरसात हुई। उदयपुर सहित कई जगहों पर दोपहर में तेज हवाएं चली और फिर कुछ देर के लिए तेज बरसात हुई। ऐसे में तापमान में गिरावट आ गई, वहीं वातावरण में ठंडक घुली गई। इसके साथ ही मेवाड़-वागड़ में प्री-मानसून सक्रिय हो गया है। माना जा रहा है कि इस बार मानसून में भी अच्छी बरसात होगी। मानसून के 25 जून या उसके बाद ही प्रदेश में हाड़ौती के रास्ते प्रवेश करने की संभावना है।
बता दें कि उदयपुर में सोमवार को तेज हवाएं चलने के बाद 10-15 मिनट के लिए तेज बरसात हुई। इसके बाद शाम तक दो-तीन बार बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा। बरसात के बाद तापमान में खासी गिरावट महसूस की गई। मौसम विभाग के मुताबिक शाम 5.30 बजे तक 0.1 मिमी बरसात दर्ज की गई। विभाग ने उदयपुर सहित भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर संभाग के जिलों में 16 जून तक इसी तरह से प्री-मानसून की बरसात होने की संभावना जताई है।
तापमान में बात करें तो सोमवार को अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और न्यूनतम 28.1 डिग्री दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले अधिकतम 39.1 और न्यूनतम 22.1 डिग्री रहा था। लिहाजा दिन के पारे में 1.6 डिग्री की गिरावट आई, जबकि रात के पारे में 6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। संभवतया बरसात के बाद रात के पारे में गिरावट आएगी।
परसाद क्षेत्र में एक घंटा जमकर बारिश हुई। हवाओं से कई जगह पेड़ व बिजली के पोल गिर गए। चणावदा-परसाद रोड स्थित ढाकणिया महुडा के समीप रोड पर पेड़ गिर जाने से आधा घंटा रोड बंद रहा। जावरमाइंस. तेज हवा, मेघ गर्जना के साथ 3 बजे तक बारिश का दौर चला। क्षे में पेड़ गिरने से दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गई।
इस साल अरबसागरीय शाखा का मानसून से पूर्व की बरसात समय पर मेवाड़-वागड़ में सोमवार से सक्रिय हो गया है। प्री-मानसून का सही समय पर शुरू होना अच्छे मानसून के आने का संकेत है। सोमवार को हुई प्री-मानसून की बरसात का प्रभाव दक्षिणी, दक्षिण पूर्वी और पूर्वी राजस्थान पर व्यापक रूप से होगा। इससे मेवाड़, वागड़, हाड़ौती और ढूंढ़ाड़ में कहीं-कहीं हल्की बरसात तथा कहीं तेज बरसात हो सकती है। कहीं गर्जना के साथ खण्डवर्षा दो-तीन दिनों में होगी। इसके साथ ही अगले दो-तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। यदि अरब सागरीय शाखा का मानसून उत्तर और बंगाल की खाड़ी शाखा उत्तर पश्चिम में बढ़ते हैं तो 20 जून के आसपास मानसून दक्षिणी राजस्थान से प्रवेश कर जाएगा।