
Charges of framing in false rape case, order against four policemen i
उदयपुर. पारिवारिक झगड़े के एक मामले में अपने मुवक्किल की पैरवी करने थाने गए अधिवक्ताओं से हाथीपोल थानाधिकारी आदर्श कुमार परिहार की ओर से गाली गलौज व अपमानित करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पेश परिवाद पर न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेते हुए एसपी को मामला दर्ज कर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। सुन्दरवास निवासी राजेन्द्र कुमार रेगर ने थानाधिकारी परिहार के खिलाफ पेश परिवाद में बताया कि वे 15 अक्टूबर को एक पारिवारिक मामले में पैरवी के लिए अपने मुवक्किल अशोक ओर्डिया व साथी अधिवक्ता महेन्द्रसिंह के साथ हाथीपोल थाने पर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां थानाधिकारी ने परिचय पूछा। उसके तुरंत बाद ही कुर्सी से उठकर गाली गलौज की तथा राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। इस दौरान साथी अधिवक्ता महेन्द्र सिंह ने उनसे बात की तो थानाधिकारी ने उससे भी अभद्रता की। परिवादी का कहना है कि उक्त घटना की रिपोर्ट उसी समय ड्यूटी ऑफिसर को दी। अगले दिन रिपोर्ट पर जानकारी चाही तो पता चला कि उसे दर्ज ही नहीं किया गया। 17 अक्टूबर को एसपी को शिकायत की, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिवादी की ओर से अधिवक्ता रामकृपा शर्मा, राजेश वसीटा ने पैरवी करते हुए पक्ष रखते हुए कार्रवाई की मांग की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद थानाधिकारी के विरुद्ध प्रसंज्ञान लिया।
Published on:
30 Nov 2019 03:18 pm
