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आरएमआरएस: अब प्रत्येक हॉस्पिटल आय का पांच प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख मरीजों की सहूलियत पर खर्च कर सकेगा

- राज्य सरकार ने जारी किए निर्देश  

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- राज्य सरकार ने जारी किए निर्देश

- आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सभी हॉस्पिटल की मिलाकर प्रतिमाह आठ करोड़ है आय

अब मरीजों की सुविधाओं के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अन्तर्गत आने वाले सभी हॉस्पिटल अपनी आरएमआरएस यानी राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी से होने वाली आय का पांच प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे। इसके लिए अधीक्षकों को प्राचार्य से अनुमति लेनी होगी। साथ ही जरूरत के उपकरण या मरीजों के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी भी की जा सकेगी।

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नहीं करनी होगी कागजी कार्रवाईसरकार की चिंरजीवी सहित कई योजनाओं के माध्यम से हॉस्पिटल को जो राशि कमाई के तौर पर मिल रही है, उसमें से ये तय राशि खर्च करने के लिए कोई खास कागजी कार्रवाई नहीं करनी होगी, बल्कि केवल प्राचार्य की अनुमति के बाद मरीजों की जरूरत के हिसाब से इस पर खर्च किया जा सकेगा। इसके लिए ना तो सरकार से पूव अनुमति लेनी होगी और ना ही किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पत्र व्यवहार करना होगा।

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ये खरीद की जा सकेगी...

मरीजों के लिए बैड, गददे्, बैड शीट, स्ट्रेचर, टॉयलेट्स के कार्य व अन्य जरूरी खर्च किया जा सकेगा। फिलहाल आरएमआरएस में संभागीय आयुक्त अध्यक्ष, अधीक्षक सचिव व प्राचार्य उपाध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा दो राज्य सरकार, एक अधीक्षक व एक प्राचार्य मनोनीत करते हैं। इसमें न्यूनतम सात सदस्य एक्जीक्यूटिव बॉडी में होते हैं, जबकि अनुमोदन के लिए जो अन्य बैठक होती है, उसमें विशेष आमंत्रित सदस्य जनप्रतिनिधि रहते हैं। चिकित्सालय क्षेत्र के विधायक, सांसद, दानदाता भी इसमें शामिल होते हैं। जिला कलक्टर भी सदस्य होते हैं। इसमें निर्माण एजेंसी के रूप में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी शामिल होते हैं।

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