
बीज, मिट्टी व खाद को मिलाकर बनाए सीड बॉल, अब पौधे बनेंगे
कोरोना महामारी में इस वक्त अगर पूरे देश को किसी चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है, तो वो है प्राणवायु ऑक्सीजन। ऑक्सीजन संकट को देखते हुए उदयपुर जिले के लसाडिय़ा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत चन्दाजी का गुड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रेलवाडा के पवन कुमार टेलर अभी से आने वाली पीढिय़ों के लिए सांसें संजोने में जुट गए है। वे बरसात आने से पहले हजारों सीड बॉल तैयार कर रहे हैं ताकि ये बीज बरसात में पौधों का आकार लेकर बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन का स्त्रोत बने। पवन कुमार ने बताया कि इस साल एक हजार सीड बॉल तैयार कर उसे खाली स्थानों में रखेंगे जो बारिश के पानी में भीगने के साथ पौधा बनेगा और आगे चलकर पेड़ बनेगा।
हर व्यक्ति को अपने स्तर पर पहल करने की जरूरत
पवन कुमार ने नीम, ईमली, कीकर, करंज आदि के बीज एकत्रित किए हैं। उसे मिट्टी से बॉल आकार बनाकर रख दिया है। उन्होंने बताया कि मानसून में वक्त है। अभी बिटबाल बनाने की तैयारी भी लगभग पूरी कर ली है।
ऐसे होता है सीड बॉल
सीड बॉल तैयार करने के लिए सबसे पहले बीज एकत्रित करना होगा। उपजाऊ मिट्टी के साथ गोबर या कम्पोस्ट खाद की बराबार मात्रा में मिश्रण तैयार कर गीला किया जाता है। उसे लड्डू के रूप में बनाकर बीचोंबीच बीज डालकर बंद कर दिया जाता है। ऐसे जगह रखकर सुखाया जाता है जहां सूरज की किरण न पहुंच सके। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि धूप की किरण नहीं पडऩे से गीली मिट्टी के बीच में रहने के बाद भी बीज अंकुरित नहीं होता है। सीड बॉल को पूर्ण रूप से सूख जाने पर अपने हिसाब से खाली पड़े स्थानों पर बारिश के मौसम में छोड़ दिया जाता है। मिट्टी जैसे ही गीली होती है बीज अंकुरित हो जाएगा और नए पौधे तैयार हो जाएंगे।
Published on:
05 Jun 2022 04:51 pm

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