
VIDEO : पं. विश्व मोहन भट्ट की ‘डेजर्ट स्टॉर्म’ की सुरीली पेशकश आपको उनका कायल कर देगी, देखें वीडियो....
राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से शिल्पग्राम में आयोजित ‘शरद रंगोत्सव’ का आगाज बुधवार को हुआ। इसके तहत दोपहर 12 बजे से एक्जॉटिक फूड फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों के लजीज व्यंजनों की खुशबू से खिंचे लोगों ने भांति-भांति के खाद्य पदार्थों का लुत्फ उठाया, वहीं गुलाबी सर्द शाम ढलते ही शास्त्रीय और लोक संगीत की धुनों और सुरों ने समां बांध दिया। पद्मभूषण और ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित पं. विश्व मोहन भट्ट ने ‘डेजर्ट स्टॉर्म’ की सुरीली पेशकश से पूर्व केन्द्र निदेशक फुरकान खान, अतिरिक्त निदेशक सुधांशु सिंह व डॉ. प्रेम भंडारी के साथ दीप प्रज्वलन कर पांच दिवसीय कार्यक्रम का विधिवत् आगाज किया। शरद रंग की पहली सांझ शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी मंच पर ‘डेजर्ट स्टॉर्म’ की शुरुआत पं. विश्वमोहन भट्ट ने मांड ‘केसरिया बालम’ की धुन से की जिसमें लोक गायक अनवर खां ने अपने सुमधुर लोक गायकी के सुरों ने अलग जादू जगाया। बाद में पं भट्ट ने लोकगीत ‘बलमजी म्हारा’ को मोहक ब्लैंडिंग के साथ प्रस्तुत किया।
इसी तरह, अगली प्रस्तुतियों में पहाड़ी भोपाली राग में लोक और शास्त्रीय वाद्य यंत्रों का अनूठा समागम और राग किडवानी में निबद्ध लोकगीत ‘हिचकी’ सुर रसिकों को खूब रास आई। इस दौरान ‘हेलो म्हारो’ की एक खूबसूरत बंदिश के बाद अंतिम प्रस्तुति ‘मीटिंग बाय द रीवर’ ने उपस्थितजनों को अलहदा संगीत यात्रा की अनुभूति कराई। इनके साथ सात्विक वीणा पर सलिल भट्ट, तबले पर पं. रामकुमार मिश्रा, लोक कलाकार गोराम खां व कुटले खां ने बेहतरीन तालमेल सं संगत कर प्रस्तुति को और प्रभावी बना दिया।
Published on:
15 Nov 2018 12:17 pm
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