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उदयपुर. बेजुबान ऊंट की मजबूरी पर आखिरकार प्रशासन को तरस आ ही गया। क्षेत्रवासियों के प्रयासों से प्रभावित होकर वन व पशुपालन विभाग एवं नगर निगम ने सामूहिक कार्रवाई कर उमरड़ा में भटक रहे ऊंट को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सुबह भाजपा जिला मंत्री जिनेंद्र शास्त्री ने वन एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को ऊंट की अनदेखी पर खरी-खोटी सुनाई। उनकी ही सक्रियता से अवकाश के दिन ऊंट को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नगर निगम ने वाहन मुहैया कराया। इधर, रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच पहुंची जयदाता होप फॉर एनिमल्स फाउंडेशन की संस्थापक शालू जैन ने उदियापोल क्षेत्र स्थित एक बाड़े में ऊंट को शरण दी और उसके भरण-पोषण की जिम्मेदारी ली। ऊंट को पकड़वाने में क्षेत्रवासियों एवं अन्य ऊंट पालकों का सहयोग भी सराहनीय रहा।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 18 सितम्बर के अंक में 'बेजुबान की एेसी दुर्गति, बना दिया मजाक शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर लोगों का ध्यान ऊंट की परेशानियों की ओर खींचा था।
इन्होंने दिखाया साहस
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वनविभाग के रेंजर सुजानसिंह , केयर टेकर रामसिंह, वनरक्षक द्वारका प्रसाद शर्मा, सरपंच हुकाराम मीणा, पंचायत समिति सदस्य मि_ालाल जैन, भाजपा कार्यकर्ता सुभाष सुथार, विजय सिंह, हरिसिंह चूंडावत, सुरेश नंगारची के साथ स्थानीय लोगों ने ऊंट को पकडऩे में सहयोग किया। इस दौरान ऊंट को दो बार ट्रेंक्यूलाइज किया गया। सुबह करीब 11.30 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ था, जो करीब 3.30 बजे खत्म हुआ।
ट्रक ने किया घायल
ऊंट की एक आंख फूटी हुई मिली। उसे दूसरी आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। रात में अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से ऊंट को कुछ चोटें भी आई हैं। फाउण्डेशन की शालू ने बताया कि ट्रैंक्यूलाइज करने के बाद से ऊंट ने चारा एवं रोटियां खाई हैं। पशु विशेषज्ञों की राय लेकर उसे सोमवार सुबह से पानी पिलाया जाएगा। फिलहाल उसकी हालत सही है। ऊंट की उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। औसत उम्र करीब 33 साल होती है।
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