
राजसमंद. साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत राजसमंद साइबर पुलिस ने गिरोह बनाकर संगठित तरीके से साइबर ठगी करने वाले 19 वर्षीय शातिर आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक, विशेष अभियान के नोडल अधिकारी एवं साइबर पुलिस थाना राजसमंद के थानाधिकारी डीपी दाधीच के निकटतम सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। साइबर पुलिस थाना राजसमंद के प्रकरण दर्ज कर तकनीकी सहायता से संदिग्धों की तलाश के लिए टीम आगरा भेजी गई थी। टीम ने तकनीकी सहायता और अथक प्रयासों से रोहित सन्नी निवासी काशीराम कॉलोनी 9/2, थाना ताजगंज, जिला आगरा उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। अनुसंधान के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रकरण में परिवादी के मोबाइल फोन को हैक कर उसके बैंक खाते से 5,90,520 रुपए निकाल लिए गए थे। परिवादी को करीब एक माह बाद इसका पता चला और उसने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। अनुसंधान में तकनीकी सहायता से रोहित सन्नी को गिरफ्तार किया गया। दोनों अभियुक्तों से 24 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। शेष की तलाश के लिए टीमें भेजी गई हैं।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी फैजान खान ने रोहित सन्नी निवासी आगरा, कुणाल निवासी आगरा एवं भरत निवासी झारखंड के साथ मिलकर गिरोह बनाया। गिरोह किसी भी नंबर पर लिंक भेजकर मोबाइल हैक करता और बैंक खाते से राशि निकालता था। हर वारदात में अलग मोबाइल सिम व हैंडसेट का इस्तेमाल किया जाता था। दोनों अपराधी पूर्व में चार्जशीटेड हैं और ग्लिचिंग के मास्टर हैं। ग्लिचिंग के दौरान मिले रिश्तेदारों के 24 एटीएम कार्ड से अलग-अलग जगह जाकर राशि निकाली जाती थी। एटीएम के तकनीकी डिफॉल्ट की जानकारी का फायदा उठाकर राशि निकालने के बाद एटीएम धारक रिश्तेदार की ओर से बैंक में एटीएम से पैसा नहीं मिलने की शिकायत करवाई जाती थी। एटीएम संचालन एजेंसी एवं बैंक प्रशासन अलग-अलग होने का फायदा उठाकर गिरोह प्रतिदिन एक एटीएम से 20 से 25 हजार रुपए की ठगी करता था।
Updated on:
09 Aug 2026 06:01 am
Published on:
09 Aug 2026 06:01 am
