
पूरे परिवार को मार पेट्रोल छिड़क कर जलाना चाहते थे आरोपी
उदयपुर. सराड़ा पुलिस ने गत 4 फरवरी को सराड़ा थाना क्षेत्र के लिंबोदा ग्राम के वायरी फला में लघुशंका करने निकली महिला की चाकू घोंप कर हत्या करने व उसके देवर व ससुर को गंभीर रूप से घायल करने के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी के साथ एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
सराड़ा थानाधिकारी अनिल कुमार विश्नोई ने बताया कि गत 4 फरवरी को निंबोद निवासी ललिता मीणा को घात लगा कर बैठे अज्ञात व्यक्ति द्वारा चाकूबाजी से हत्या कर दी। ललिता के चिल्लाने पर नजदीकी कमरे में सो रहे ससुर भीमा मीणा व उसका देवर रमेश दौड़कर बचाने के लिए आए तो हमलावरों ने उन पर भी ताबड़तोड़ चाकू से वार कर घायल कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीमों द्वारा अलग-अलग जगह पर दबिश देकर आरोपियों की तलाश की। पुलिस द्वारा घटनास्थल से मिले साक्ष्य, तकनीकी सहायता व आम सूचना और मुखबिर की सूचना पर आरोपी अहमदाबाद में होने की सूचना मिली। टीम अहमदाबाद पहुंची जहां आरोपी रमेश पुत्र फुलाजी मीणा बापूनगर अहमदाबाद पुल के नीचे फुटपाथ पर सोया हुआ मिला। टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। साथ में उसके एक सहयोगी रामलाल पुत्र मुलु कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों पक्षों में था जमीनी विवाद
थानाधिकारी ने बताया कि घटना से करीब आठ -नौ माह पूर्व मृतक व आरोपी पक्ष दोनों के बीच जमीनी विवाद हुआ था। उस समय आपस में पत्थर बाजी हुई थी। उस दौरान अरोपी रमेश की पत्नी की बीमारी से मौत हो गई। इससे रमेश क्षुब्ध हो गया और घटना को अंजाम दिया। आरोपियों को गिरफ्तार करने में सराड़ा थानाअधिकारी अनिल कुमार विश्नोई, मणिलाल, हैड कांस्टेबल हिम्मत सिंह, प्रताप सिंह, हितपाल सिंह, नाथूलाल, रमेश कुमार, राजेश कुमार, रमेश चंद्र, अनार सिंह, जगदीश सिंह, शोभाराम, शांतिलाल, अनिल कुमार, गजराज साइबर सेल लोकेश रायकवाल आदि शामिल थे।
खेरवाड़ा से खरीदा चाकू और पेट्रोल
थानाधिकारी ने बताया कि रमेश मीणा लंबे समय से हत्या की योजना बना रहा था। घटना के 2 दिन पहले अहमदाबाद अपने सहयोगी रामलाल के साथ खेरवाड़ा पहुंचा जहां पर चाकू खरीदा। दूसरे दिन 2 फरवरी को रमेश अपने रिश्तेदार खांडी ओबरी के यहां रुका। 3 फरवरी को परसाद आए और दोनों ने भीमा के परिवार को मार कर जलाने के लिए पेट्रोल खरीदा। 3 फरवरी रात करीब 10.30 बजे आरोपी अपने सहयोगी रामलाल को भीमा का घर दिखाते हुए रेकी करना शुरू किया। 4 फरवरी रात करीब 12 बजे भीमा के घर के पास घात लगाकर दोनों आरोपी बैठ गए। रात करीब 1.30 बजे भीमा के लड़के की पत्नी ललिता जब लघुशंका करने बाहर आई तो रमेश ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। चिल्लाने पर भीमा व उसका पुत्र रमेश आए तो उन पर भी चाकू से वार कर दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में भाग गए। जंगल के रास्ते से पैदल ही परसाद हाइवे की तरह पहुंचे जहां से अहमदाबाद के लिए निकल गए। अहमदाबाद जाने के बाद दोनों अलग हो गए और हमेशा जगह बदल कर फुटपाथ पर समय गुजारने लगे।
Published on:
10 Feb 2022 11:52 pm
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