
मानवेन्द्र सिंह राठौड़/उदयपुर . प्राथमिक सहकारी समितियां कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर संभागभर के लेम्पस व पैक्स व्यवस्थापक व सह व्यवस्थापक सहित अन्य सभी कर्मचारी सोमवार से पांच दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। ऐसे में लेम्पस व पैक्स में ताले लटके रहे जिससे ऋण माफी का कार्य प्रभावित रहा, वहीं मंगलवार से शुरू हो रहे तीसरे चरण के ऋणमाफी शिविर भी ठप हो जाएंगे।
यूनियन के आह्वान पर संभाग की समस्त सहकारी समितियों के 1156 नियमित कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। राज्य सरकार ने शिविर लगाकर किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करने की अंतिम तिथि 2 मार्च तय कर रखी है जिससे इस कार्य के समय पर पूरे होने की उम्मीद नहीं है। पहले दिन उदयपुर, राजसमंद में 410, डूंगरपुर में 250, बांसवाड़ा में150, चित्तौडगढ़़ में 220 एवं प्रतापगढ़ में 136 व्यवस्थापक और सह व्यवस्थापक सामूहिक अवकाश पर रहे।
नियोक्ता निर्धारण की मांग
संभाग अध्यक्ष हमेरलाल मेघवाल ने बताया कि लेम्पस व पैक्स में कार्यरत कर्मचारी नियोक्ता निर्धारण की मांग को लेकर लम्बे समय से संघर्ष कर रहे है लेकिन सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं किया है जिससे आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। सहकारी कर्मचारी नेता नरेन्द्र सिंह शक्तावत, मदनलाल मेनारिया और देवदत्त शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने अब भी मांगे नहीं मानी तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
- मेडिकल वेस्ट लेने वाली वैन नियमित नहीं आ रही। सीएमएचओ को सूचित भी कर चुके हैं। परिसर में खुले बायोवेस्ट की जानकारी नहीं है। बायोवेस्ट नियमों से संग्रहित करते हैं। खाली शराब की बोतलों का आइडिया नहीं है। पूरी जानकारी जुटाती हूं। - अर्चना डोडियाल, मुख्य चिकित्साधिकारी
- बायोवेस्ट का निस्तारण नियमों से होना चाहिए। सभी चिकित्सा केंद्रों पर रंग के हिसाब से बायोवेस्ट एकत्र करने की प्रक्रिया तय हैं। खुले में डाला गया बायोवेस्ट लापरवाही है। नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - डॉ. महेंद्र कुमार लौहार, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, भींडर
Published on:
19 Feb 2019 02:57 pm
