उपखंड कार्यालय मावली का घेराव कर दिनभर धरना प्रदर्शन
उदयपुर जिले की मावली तहसील के सबसे बड़े बागोलिया बांध का पानी नहर के माध्यम से खोलने का मुद्दा काफी गर्मा रहा है। जहां एक ओर सोमवार को दिन भर मावली कस्बे का संपूर्ण बाजार बंद रहा। वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के साथ सैकड़ों किसानों, ग्रामीणों एवं महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। साथ ही उपखंड कार्यालय मावली का घेराव कर दिनभर धरना प्रदर्शन दिया। इस बीच कई जनप्रतिनिधि भी मावली की प्रमुख पेयजल मांग को देखते हुए समर्थन में पहुंचे एवं धरने प्रदर्शन में शामिल हुए।
मावली में बागोलिया बांध से नहर खोलने को लेकर रविवार को ही व्यापार मंडल मावली की ओर से संपूर्ण मावली बंद का आह्वान किया गया था। इसके बाद सोमवार सुबह से शाम तक कस्बे में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी। साथ ही दूध डेयरी, मेडिकल, सब्जि विक्रेताओं आदि ने भी इसका समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
निकाली विरोध रैली
बागोलिया बांध से नहर नहर खोलने के विरोध में व्यापार मंडल के व्यापारियों, क्षेत्रभर के किसान, महिलाएं एवं पुरुष कस्बे के पुराना बस स्टैंड पर एकत्रित हुए। जहां सभी ने एकमत होते हुए बागोलिया बांध से नहर नहीं खोलने की मांग को लेकर रैली निकाली। इसमें सभी ने जमकर नारेबाजी कर आक्रोश जताया। विरोध रैली में महिलाओं की अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करते हुए मावली क्षेत्र की पेयजल समस्या को प्रशासन के समक्ष रखा। इसके बाद विरोध रैली मावली मुख्य चौराहा पर पहुंची। जहां भी सभी ने घेराव कर विरोध जताया। तत्पश्चात सभी मावली उपखंड कार्यालय पहुंचे। जहां उपखंड कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में पुरुषों के साथ-साथ सैकड़ों महिलाओं ने भी विरोध जताया।
अधिकारियों से मिले ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन
व्यापार मंडल के अध्यक्ष निर्मल लोढ़ा ने बताया कि सोमवार शाम 5 बजे तक धरना प्रदर्शन दिया गया। इससे पूर्व मावली के उपखण्ड़ अधिकारी श्रीकांत व्यास के समक्ष सभी अपनी मांग रखीं। साथ ही बागोलिया बांध का पानी बांध में ही संरक्षित रखने की बात कहीं। इसके बाद सभी ने मावली तहसीलदार पर्वत ङ्क्षसह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सभी ने बागोलिया बांध के पानी को नहर के माध्यम से नहीं खोलने एवं इसके पानी को संरक्षित करने, नहर की सफाई रोकते हुए सफाई नहीं करने, जिन व्यक्तियों पर ङ्क्षसचाई विभाग के द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है, उस मुकदमे को वापस लेने की मांग की गई। साथ ही ङ्क्षसचाई विभाग तथा प्रशासन के द्वारा 5 फीट पानी आरक्षित रखकर एवं 5 फीट पानी ङ्क्षसचाई के लिए वितरण करने का जो आदेश पारित किया गया है, उस आदेश को निरस्त करने की मांग की गई।
बड़ी मात्रा में जाप्ता रहा तैनात
व्यापार मंडल मावली की ओर से 1 दिन पूर्व ही मावली बंद तथा विरोध प्रदर्शन की सूचना पर सोमवार अल सुबह ही पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता मावली पहुंच गया। मावली कस्बे के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर मावली पुलिस थाना के थाना अधिकारी अजय ङ्क्षसह सहित पुलिस थाना का स्टाफ तैनात रहा। इसके साथ ही मावली उपखंड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान भी बड़ी मात्रा में पुलिस के जवान व्यवस्था संभालते नजर आए।
पहुंचे कई जनप्रतिनिधि, दिया समर्थन
मावली के क्षेत्र वासियों की प्रमुख मांग पेयजल समस्या को देखते हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जनप्रतिनिधि उपखंड कार्यालय मावली के बाहर धरना प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए बागोलिया बांध का पानी बांध में ही संरक्षित रखने तथा नहर के माध्यम से नहीं खोलने की बात कही। इस दौरान मावली विधायक धर्म नारायण जोशी, व्यापार मंडल अध्यक्ष निर्मल लोढ़ा, कम्युनिस्ट नेता जीवराज शर्मा, कांग्रेस के लव पुरोहित, पंचायत समिति सदस्य नटवर गुर्जर, मावली सरपंच भूपेंद्र गुर्जर, पूर्व सरपंच भगवत गुर्जर, गायरी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश गायरी, लोपड़ा पूर्व सरपंच संगीता पालीवाल आदि पहुंचे।
सम्पूर्ण बंद रहा कस्बा
सोमवार को सम्पूर्ण मावली बंद रहा। व्यापार मण्ड़ल के अध्यक्ष निर्मल लोढ़ा ने बताया कि मावली में 17 वर्षो के बाद बागोलिया बांध में पानी आया है। जिससे मावली में फ्लोराइड कम हुआ है। साथ ही जल स्तर भी सुधरा है। ऐसे में पानी की किल्लत भी कम होगी। परन्तु प्रशासन नहरों को खोलने पर अड़ा हुआ है। इसके विरोध में सोमवार को पूरे मावली कस्बे के समस्त प्रतिष्ठान, डेयरी, सब्जी, मेडिकल सहित बाजार बंद रहें। सभी व्यापारियों ने मावली बंद का समर्थन किया।
यह है मामला
बागोलिया बांध मावली तहसील का सबसे बड़ा बांध है। इसमें इस वर्ष लम्बे समय बाद अच्छी पानी की आवक हुई है। ऐसे में एक पक्ष इस बांध का पानी नहरों के माध्यम से खोलने की मांग कर रहा है। वहीं दूसरा पक्ष इस बांध का पानी बांध में ही संरक्षित करने की मांग पर अड़ा हुआ है। जलदाय विभाग एवं ङ्क्षसचाई विभाग के निर्णय के अनुसार 5-5 फीट पानी दोनों पक्षों को देने का निर्णय हुआ है। साथ ही नहरें खोली जानी है। इसे लेकर एक दिन पूर्व रविवार को ङ्क्षसचाई विभाग द्वारा पुलिस जाप्ता एवं प्रशासन की मौजूदगी में नहरों की साफ सफाई की गई। इसकी जैसे ही ग्रामीणों को सूचना मिली ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा विरोध जताया। साथ ही कार्य को रूकवाने का प्रयास किया गया। इसी को देखते हुए सोमवार को समस्त व्यापारियों, किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं ने मावली में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।