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खाकी का जज्बा मंच पर चमका… हाड़ी रानी की धरती पर खाकी के जज्बे को सलाम

जज्बा पुलिस अवार्ड का सलूम्बर में दूसरी बार आयोजन, सम्मान पाकर खिले जवानों के चेहरे, जताया पत्रिका का आभार सलूम्बर. हाड़ी रानी की वीरभूमि सलूम्बर में खाकी के साहस को सलाम मिला। जज्बा अवॉर्ड में जांबाज पुलिसकर्मियों का सम्मान कर उनके हौसले को नई उड़ान दी गई। मंच पर मिली यह सराहना, कर्तव्यपथ पर डटे […]

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हाड़ी रानी की वीरभूमि सलूम्बर में खाकी के साहस को सलाम मिला। जज्बा अवॉर्ड में जांबाज पुलिसकर्मियों का सम्मान कर उनके हौसले को नई उड़ान दी गई। मंच पर मिली यह सराहना, कर्तव्यपथ पर डटे हर जवान के लिए प्रेरणा बनकर गूंज उठी, जिम्मेदारी और गर्व दोनों बढ़ा गई।

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जज्बा पुलिस अवार्ड का सलूम्बर में दूसरी बार आयोजन, सम्मान पाकर खिले जवानों के चेहरे, जताया पत्रिका का आभार

सलूम्बर. हाड़ी रानी की वीरभूमि सलूम्बर में खाकी के साहस को सलाम मिला। जज्बा अवॉर्ड में जांबाज पुलिसकर्मियों का सम्मान कर उनके हौसले को नई उड़ान दी गई। मंच पर मिली यह सराहना, कर्तव्यपथ पर डटे हर जवान के लिए प्रेरणा बनकर गूंज उठी, जिम्मेदारी और गर्व दोनों बढ़ा गई।

मौका था मंगलवार शाम राजस्थान पत्रिका और लव कुश शिक्षण संस्थान के जज्बा अवॉर्ड का। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। लवकुश शिक्षण संस्थान में आयोजित समारोह में विभिन्न श्रेणियों में 30 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। सलूम्बर विधायक शांता देवी मीणा, आईजी गौरव श्रीवास्तव कलक्टर, कलक्टर अवधेश मीना, एसपी विशनाराम विश्नोई ने पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। सम्मानित पुलिसकर्मियों ने राजस्थान पत्रिका का आभार जताते हुए कहा कि सम्मानित होने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

पुलिसकर्मियों का परिवार सम्मान का हकदार

राजस्थान पत्रिका उदयपुर संस्करण के संपादक राजीव जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिसकर्मियों के परिवार के लिए है, क्योंकि परिवार ही है, जो उनकी सेवाओं में त्याग करता है। कहीं पर भी आम नागरिक को जब कभी मदद की जरूरत पड़े तो सबसे पहले पुलिसकर्मी होता है। सलूम्बर की अलग पृष्ठभूमि है, जहां पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। आयोजन में जोनल हेड (रुरल मार्केटिंग) प्रिंस प्रजापत मौजूद रहे। लवकुश शिक्षण संस्थान के डायरेक्टर डॉ. लव व्यास ने आभार जताया। संचालन एफएम तड़का आरजे अर्पित ने किया।

समारोह में इनकी रही भागीदारी

कार्यक्रम में मार्बल स्क्वायर, होटल पृथ्वी पैलेस, क्रेटिव प्रोपर्टी एंड डेवलेपर्स, संतोष इंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टोन डीलिंग कॉरपोरेशन और मां मल्टी स्पेस्लिटी हॉस्पिटल एंड सोनोग्राफी सेंटर का सहयोग रहा। बतौर अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष परमानन्द मेहता, नगर परिषद पूर्व उपसभापति अब्दुल रउफ, पंचायत समिति नेता प्रतिपक्ष सोहन लाल चौधरी, नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष प्रभुलाल जैन, बार एसोसिएशन अध्यक्ष संजय मेहता, पूर्व अध्यक्ष राकेश प्रजापत, ब्लॉक कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील सेवक, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अम्बालाल कलाल, कांग्रेस नेता महेंद्रसिंह, विश्व हिंदू परिषद प्रभारी शंकरलाल भोई, दिनेश लड्ढ़ा, कमल गांधी मौजूद थे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जमा रंग

आयोजन की शुरुआत में गणेश वंदना प्रस्तुत की। सिंगर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुतियां दी। एएसपी रतन चावला, डिप्टी हेरम्भ जोशी, डिप्टी सराड़ा चांदमल सिंगारिया, प्रशिक्षु आरपीएस सेजल शेखावत, तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोगों की भागीदारी रही। कुलदीप मंत्री, अखिलेश बाहेती, प्रमोद पूर्बिया, अरुण चौबीसा ने सहयोग किया।

किसने क्या कहा

आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि समय की पाबंदी एक ऐसी गुणवत्ता है, जो अनुशासन को दर्शाती है। पुलिसकर्मी समाज के लिए सेवा देता है। उसका समय अपने लिए नहीं, जनता के लिए होता है। पुलिस की सेवा उपलब्धता 24 घंटे 365 दिन जनता के लिए होती है। पुलिसकर्मियों की अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी होती है। ड्यूटी के प्रति जो वचन है, वह पूरा करता है। सम्मान समारोह पुलिस से ज्यादा उनके परिजनों के लिए है, क्योंकि हमारी ताकत परिवार ही है। हम दुनिया से लड़ लेते हैं, गलती पर जनता की आलोचना झेल सकते हैं, फिर भी माथे पर शिकन नहीं होती। क्योंकि इसके पीछे की ताकत परिवार होता है। पुलिसकर्मियों को चाहिए कि आलोचना को भी सकारात्मक रूप से लें। सबसे पहला सम्मान परिवार की ताकत है। उसके बिना किसी भी पुलिसकर्मी को ड्यूटी पूर्ण संभव नहीं है। अवार्ड मिलना, अपने काम में सुधार लाना है। पत्रिका के हाथों सम्मानित होना पुलिसकर्मियों के लिए गर्व की बात है। डिजिटल के जमाने में भी समाचार पत्रों ने प्रासंगितता और विश्वसनीयता नहीं खोई है। ऐसे में पुलिस के बेहतर काम को सकारात्मक रूप से पेश करें।

कलक्टर अवधेश मीना ने कहा कि राजस्थान पत्रिका ने पुलिसकर्मियों के सम्मान की पहल की, जो सराहनीय है। इसके लिए पत्रिका परिवार का आभार। सलूम्बर में अपनी अलग विशेषताएं, चुनौतियां हैं। पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं, जो मेहनत से सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस की ड्यूटी में जिम्मेदारियां ज्यादा रहती है। त्योहार के मौके पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उनके जीवन में परिवार की भागीदारी बड़ी होती है। खुशी की बात है कि पुलिस के बेहतर काम से सलूम्बर में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई है।