
बरसात की कमी के चलते जलाशयों में आवक शुरू नहीं हुई है, ऐसे में फतहसागर का पेंदा दिखने लगा है।
उदयपुर. राजस्थान में मानसून की दस्तक हुए दो सप्ताह से अधिक बीत गए, लेकिन इस बार बरसात पिछले साल से कम है। इस साल मानसून के कमजोर रहने का नतीजा ये कि प्रदेश में बांध-तालाब 65 फीसदी खाली पड़े हैं। यह स्थिति पिछले साल से 20 फीसदी कमजोर है। प्रदेश में वर्ष 2021 में ताउते चक्रवात ने मानसून को संबल दिया था, वहीं 2022 में मावठ की अच्छी बरसात हुई थी। इसके बाद 2023 में चक्रवात बिफरजॉय के कारण हुई बरसात से फिर जल स्रोतों की खाली झोली भर गई। लेकिन, इस साल बांध-तालाबों का पेटा मानसून की अच्छी बरसात का ही इंतजार कर रहा है। ऐसे में झीलों के शहर उदयपुर के बांध-तालाब का भी पेटा उगडऩे लगा है।
जोन अनुसार बांधों की स्थिति
जोन - वर्तमान प्रतिशत - पिछले साल प्रतिशत
जयपुर - 22.30 - 42.16
जोधपुर - 7.42 - 61.14
कोटा - 55.63 - 71.92
बांसवाड़ा - 34.24 - 43.68
उदयपुर - 21.36 - 42.52
प्रदेशभर में - 35.16 - 54.30
यह भी जानें स्थिति
46.79 प्रतिशत ही पानी प्रदेश के बड़े 22 बांधों में
16.61 प्रतिशत ही भरे हैं प्रदेश के 261 मध्यम बांध
10.13 फीसदी पानी बचा 408 छोटे बांध-तालाबों में
35.16 प्रतिशत पानी कुल बचा सभी बांध-तालाबों में
54.30 फीसदी पानी 2023 में था सभी जलस्रोतों में
32.55 प्रतिशत पानी एक माह पूर्व था जलस्रोतों में
ये बांध भरे और खाली
क्षमतानुसार - बांध - खाली - कुछ भरे - लबालब
बड़े - 283 - 131 - 149 - 3
छोटे - 408 - 278 - 116 - 14
कुल - 691 - 409 - 265 - 17
राजस्थान से बाहर हमारे बांधों की स्थिति
Updated on:
14 Jul 2024 05:26 pm
Published on:
14 Jul 2024 05:26 pm
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