
मानवेन्द्रसिंह राठौड़/उदयपुर . राजस्थान सहित तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद अब केन्द्र की भाजपा सरकार ने भी किसानों की सुध लेनी शुरू कर दी है। केन्द्र सरकार ने आचार संहिता से पूर्व किसानों के खातों में दो हजार रुपए नकद जमा करवाने का जतन शुरू कर दिया है। इससे पूर्व कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की घोषणा पत्र की क्रियान्विति करते हुए किसानों के कर्ज माफी कर दिए थे। कुल मिलाकर चुनावी माहौल में किसानों की बल्ले-बल्ले हो गई है। केन्द्र सरकार ने गत दिनों घोषणा की कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हर साल किसानों के खातों में कुल छह हजार रुपए की राशि जमा करवाएगी। जिले में अब तक 10,687 किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपए की राशि जमा हुई है। प्रदेश में इस योजना की क्रियान्विति के लिए सहकारिता विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने लघु एवं सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल प्रारम्भ किया है।
उदयपुर में 6.25 लाख किसानों को फायदा
योजना में जिले के करीब 6 लाख 24 हजार 328 हजार लघु व सीमान्त किसानों को हर वर्ष 6-6 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। इसके अलावा राज्य सरकार ने वृद्ध महिला-पुरुष किसानों को 750 से एक हजार रुपए मासिक पेंशन भी मुहैया होगी। इधर, राज्य सरकार सभी किसानों के 2-2 लाख रुपए के कर्जे माफ करने में जुटी हुई है।
किसानों का डाटा हो रहा अपडेट
पोर्टल पर दो हैक्टेयर तक की जमीन वाले सभी पंजीकृत एवं पात्र लघु एवं सीमान्त कृषक परिवार का डाटा अपडेट हो रहा है। योजना एक दिसंबर 2018 से प्रभावी मानी गई है। इसमें किसान परिवारों को 31 मार्च 2019 को समाप्त चार महीनों की अवधि के लिए पहली किस्त में 2000 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। कुल 6 हजार रुपए तीन किस्तों में चार-चार माह के अंतराल में मिलेंगे।
जमाबंदी नकल से कराना होगा पंजीयन
जिन लघु और सीमांत किसानों ने ऋण नहीं ले रखा है, उनको जमीन की जमाबंदी की नकल, आधार कार्ड व बैंक पास बुक लेकर नजदीकी ई-मित्र पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा जिसका शुल्क 25 रुपए तय कर रखा है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने पोर्टल तैयार किया है। पटवारी किसान के जमीन रिकार्ड को तस्दीक करेगा। बाद में किसान ई मित्र पर जाकर जानकारी पोर्टल पर अपलोड कराएगा।
सीधे बैंक खातों में जमा होगी राशि
संयुक्त रजिस्ट्रार सहकारिता पीपी मांडोत ने बताया कि राशि सीधे ही किसानों के बैंक खातों में जमा होनी शुरू हो गई है। फिलहाल सरकार के पास सहकारी बैंकों के ऋणी व अऋणी सदस्यों का ही आंकड़ा है। प्रदेश में ऋणी सदस्य करीब 80 लाख एवं उदयपुर में 44 हजार 301 हैं।
(IN PHOTO - DEMO PIC OF HAPPY FARMER)
Updated on:
28 Feb 2019 02:05 pm
Published on:
28 Feb 2019 12:07 pm
