जीपीएस ट्रेकिंग से मिली कार
उदयपुर. औरंगाबाद से उदयपुर घूमने आए एक पर्यटक ग्रुप के साथ उदयपुर में अजीब वाकया हुआ। पहले कार की चाबी घुम हुई और फिर कार ही चोरी हो गई। इंटरनेट और सोशल मीडिया की मदद से आखिर दूसरे दिन फिर से कार मिल गई। कार उदयपुर से 120 किलोमीटर दूर चित्तौडग़ढ़ जिले के शंभूपुरा थानान्तर्गत रेल का अमराना गांव में पड़ी मिली।
बताया गया कि औरंगाबाद निवासी स्वप्निल भाटिया दो चचेरे भाइयों के साथ उदयपुर घूमने और श्रीनाथजी के दर्शन के लिए गुरुवार को कार से आए थे। यहां फतहसागर पाल पर घूमते समय कार की चाबी गुम हो गई। कार सेंसरयुक्त होने से नकली चाबी से खोलना संभव नहीं था। ऐसे में स्वप्निल ने औरंगाबाद अपने परिवार को सूचना देकर दूसरी चाबी पार्सल से मंगवाई। चाबी औरंगाबाद से अहमदाबाद के लिए भेजी गई। ऐसे में चाबी लेने के लिए स्वप्निल अहमदाबाद गया। वहां से चाबी लेकर पुन: फतहसागर पाल पर पहुंचे तो मौके पर कार नहीं थी। ऐसे में सभी के होश उड़ गए। आसपास के क्षेत्र में ढूंढऩे का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर अम्बामाता थाने में संपर्क किया। कार चोरी होने की सूचना सोशल मीडिया पर डाली वहीं इंटरनेट के माध्यम से जीपीएस युक्त कार की ट्रेकिंग की। इससे कार के शंभूपुरा थानान्तर्गत रेल का अमराना गांव के पास होना पाया। कार में पेट्रोल भी नहीं था। संभवतया पेट्रोल खत्म होने पर चोर कार को वहीं छोड़ भागे। रविवार शाम को पर्यटक मौके पर पहुंचे और कार को उदयपुर लेकर आए।
भाई ने औरंगाबाद से किया ट्रेक
पर्यटक स्वप्निल के भाई योगेश भाटिया को कार चोरी होने की सूचना मिली तो औरंगाबाद से ही कार को ट्रेक करने का प्रयास किया। योगेश ने बताया कि उदयपुर आए भाई और साथी पुलिस की मदद से कार ढूंढऩे का प्रयास कर रहे थे। इधर, उसने गूगल मैप से ट्रेकिंग शुरू की। कार के सावा में होना सामने आया। लगातार ट्रेकिंग होने पर अंत में कार रेल का अमराना में होना पाया। पुलिस को कार की लोकेशन बताने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी डाली। अंतत: कार मिल जाने की जानकारी मिली।