
होमगार्ड वापस दिए नहीं, कांस्टेबल भी छीन लिए, ट्रैफिक रामभरोसे
उदयपुर. शहर में जहां हर चौराहे पर वाहनों की कतारें लग रही हैं, वहीं रास्तों पर वाहन रेंग रहे हैं। वाहन चालक चौराहों पर यातायात नियम तोड़कर बेखौफ निकल रहे हैं। इस स्थिति का कारण शहर में यातायात पुलिसकर्मियों की भारी कमी है। पुलिस मुख्यालय की ओर से होमगार्ड तैनात करने का बजट नहीं दिया गया, वहीं छह माह पहले दिए गए स्थाई यातायात पुलिसकर्मियों को भी वापस छीन लिया। ऐसे में शहर का यातायात प्रबंधन रामभरोसे चल रहा है।
कोरोना से पहले थे होमगार्ड
पुलिस विभाग में कम नफरी में होमगार्ड काफी मददगार साबित होते हैं, लेकिन अब यातायात पुलिस के पास होमगार्ड की सेवाएं नहीं है। करीब 100 होमगार्ड कोरोना काल से पहले यातायात पुलिस में तैनात रहते थे। कोरोना में होमगार्ड की संख्या बढ़ाई गई और फिर सभी होमगार्ड को हटा दिया गया। मुख्यालय की ओर से इसके लिए बजट नहीं मिलने के कारण दुबारा होमगार्ड की सेवाएं नहीं ले पा रहे हैं। वर्तमान में महज 75 होमगार्ड हैं, जो रात्रि गश्त में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
टिकते नहीं जवान
अमूमन देखा गया है कि यातायात पुलिस में जवान टिकना नहीं चाहते। पुलिस लाइन से यातायात शाखा में भेजने के कुछ समय बाद ही वे थानों में ट्रांसफर करवा लेते हैं। यातायात शाखा में ड्यूटी करने वाले ज्यादातर पुलिसकर्मी आराम पसंद है, जो 8 घंटे की ड्यूटी करना ही उचित समझते हैं। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो सेवानिवृत्ति के करीब है।
यहां जरुरत हर समय
पारस तिराहा, उदियापोल, सूरजपोल, देहलीगेट, कोर्ट चौराहा, हॉस्पिटल रोड, चेटक सर्कल, फतहसागर पाल, फतहपुरा चौराहा, कुम्हारों का भट्टा, सेवाश्रम चौराहा, ठोकर चौराहा, प्रतापनगर चौराहा, शहर के अंदरुनी क्षेत्र जगदीश चौक, पर्यटन थाना, गुलाब बाग आदि जगहों पर हर समय यातायात पुलिसकर्मियों की जरुरत रहती है।
स्मार्ट सिटी के काम भी रोड़ा
शहर के अंदरुनी क्षेत्र में जहां स्मार्ट सिटी के काम चल रहे हैं, जिससे जगह-जगह रास्ते बंद है। ऐसे में ट्राफिक डायवर्जन की स्थिति को संभालना यातायात पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। अंदरुनी शहर के अलवा कुम्हारों का भट्टा और सेवाश्रम चौराहे पर बन रहे फ्लाई ओवर के कारण भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
यह है स्थिति
पद - स्वीकृत - रिक्त
सीआइ - 02 - 02
इंस्पेक्टर - 06 - 03
हेडकांस्टेबल - 99 - 41
कांस्टेबल - 321 - 266
इनका कहना है
शहर में स्मार्ट सिटी के काम से यातायात डायवर्ट करना मजबूरी है। उदयपुर में खुली और सीधी सड़कें नहीं है। यहां जगह-जगह मोड़ और संकरापन होने से यातायात संबंधी समस्याएं भी है। यातायात शाखा में स्टाफ की कमी तो है। चौराहों पर जैसे-तैसे व्यवस्था संभाल रहे हैं।
रतन चावला, ट्रैफिक डिप्टी, उदयपुर
Published on:
18 Nov 2021 10:41 am
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
