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उदयपुर : दर्द बढ़ा, जोड़ घिसे… अब नी रिप्लेसमेंट और हिप रिप्लेसमेंट बदलवाने की बढ़ी जरूरत

एमबी हॉस्पिटल में घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, अब कम उम्र के मरीज भी ऑपरेशन की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
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उदयपुर. एमबी हॉस्पिटल में नी रिप्लेसमेंट और हिप रिप्लेसमेंट बदलवाने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले यह सर्जरी ज्यादातर 65- 70 साल की उम्र के लोगों में होती थी, अब 50 से 60 वर्ष के मरीज भी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। कुछ मामलों में 45 वर्ष से कम उम्र के लोगों को भी यह सर्जरी करवानी पड़ रही है। एमबी हॉस्पिटल में कुछ वर्ष पहले जहां सप्ताहभर में औसतन 5 जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी होती थीं, अब प्रतिदिन 2 से 3 ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

दो साल में 1,200 से अधिक जॉइंट रिप्लेसमेंट

एमबी हॉस्पिटल में जॉइंट रिप्लेसमेंट और हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पहले जहां सप्ताहभर में औसतन 5 से 6 सर्जरी होती थीं अब अस्पताल में औसतन प्रतिदिन 2 से 3 घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की जा रही हैं। पिछले दो वर्षों में 1,248 से 1,872 मरीजों का सफल जॉइंट और हिप रिप्लेसमेंट किया । विशेषज्ञों के अनुसार अब 50- 60 वर्ष के साथ कम उम्र के मरीज भी इस सर्जरी के लिए पहुंच रहे हैं।

बदलती जीवनशैली जोड़ों पर पड़ रही भारी

ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ एमपी जैन बताते हैं घुटने के जोड़ में मौजूद मुलायम परत (कार्टिलेज) घिसने लगती है। इसके बाद हड्डियां आपस में रगड़ खाने लगती हैं, जिससे तेज दर्द और चलने-फिरने में परेशानी होती है। शुरुआत में दवा, फिजियोथेरेपी और व्यायाम से राहत मिल सकती है, लेकिन जब दर्द लगातार बढ़ने लगे और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तब घुटना बदलवाने की जरूरत पड़ती है। कूल्हे का जोड़ भी सड़क दुर्घटना, पुराना फ्रैक्चर, गठिया या हड्डी में खून की सप्लाई रुकने जैसी समस्याओं से खराब हो सकता है।

नई तकनीक से जल्दी घर लौट रहे मरीज

पहले जॉइंट रिप्लेसमेंट और हिप रिप्लेसमेंट के बाद मरीजों को कई सप्ताह तक बिस्तर पर रहना पड़ता था। अब आधुनिक तकनीक, बेहतर इम्प्लांट और फिजियोथेरेपी से अधिकतर मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन चलना शुरू कर देते हैं। सामान्य स्थिति में 3 से 5 दिन के भीतर अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाती है।

दर्द को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

विशेषज्ञों का कहना है हर घुटने के दर्द में ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। समय रहते वजन नियंत्रित रखा जाए, नियमित व्यायाम किया जाए, सीढ़ियों का कम इस्तेमाल हो और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराया जाए, तो कई मामलों में सर्जरी से बचा जा सकता है। जब दर्द लगातार बना रहे, चलना मुश्किल हो जाए और एक्स-रे में जोड़ पूरी तरह घिसा दिखाई दे, तब सर्जरी सबसे बेहतर विकल्प बन जाती है।

जॉइंट और हिप रिप्लेसमेंट का अनुमानित आंकड़ा

अवधि ऑपरेशन

प्रतिदिन 2- 3

प्रति सप्ताह (6 दिन) 12- 18

प्रति माह (औसत) 52- 78

प्रति वर्ष 624- 936

दो वर्ष 1,248- 1,872

किन वजहों से बढ़ रहे घुटना और कूल्हा बदलवाने के मामले

कारण असर

बढ़ती उम्र जोड़ घिसने लगते हैं

मोटापा घुटनों पर ज्यादा दबाव

गठिया जोड़ तेजी से खराब

पुराने फ्रैक्चर या चोट कूल्हा और घुटना प्रभावित

सड़क हादसे हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत

लंबे समय बैठकर काम जोड़ कमजोर होना

कब डॉक्टर देते हैं जॉइंट रिप्लेसमेंट की सलाह

लक्षण क्या संकेत देता है

लगातार तेज दर्द दवा से राहत नहीं

चलने में परेशानी जोड़ काफी खराब हो चुका

सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत घुटने की क्षमता कम होना

रात में भी दर्द रहना बीमारी गंभीर होना

एक्स-रे में जोड़ घिसा दिखना सर्जरी की जरूरत

पैर टेढ़ा होने लगना देर नहीं करनी चाहिए