राठौड़ बुधवार सुबह रोज की तरह ड्यूटी के लिए घर से निकले, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने बेटे को बुलाया और हाथीपोल थानाधिकारी राजू देवी को फोन कर तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी। उन्हें तत्काल एमबी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी, संवेदनशील इंसान और परिवार के मुखिया का यूं अचानक चले जाना हर किसी की आंखें नम कर गया।