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उदयपुर: ‘जीवन में क्या रखा है, एक दिन चले जाना है…और सुबह थम गईं सांसें’, यही बात कहकर सोए थे थानाधिकारी

उदयपुर में अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ (50) का ड्यूटी जाते समय हार्ट अटैक से निधन हो गया। मंगलवार रात उन्होंने रिपोर्टर से सहज भाव में कहा था, जीवन में क्या रखा है, एक दिन चले जाना है...और बुधवार सुबह सीने में दर्द के बाद एमबी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं।
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उदयपुर

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Arvind Rao

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पंकज वैष्णव

•

Updated: 30 Jul 2026, 2:05 PM IST

Ambamata SHO Dalpat Singh Dies of Heart Attack

Ambamata SHO Dalpat Singh Dies of Heart Attack (Patrika Photo)

…पंकज वैष्णव

उदयपुर: 'जीवन में क्या रखा है, एक दिन चले जाना है…' पत्रिका रिपोर्टर से मंगलवार रात करीब 10 बजे फोन पर अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ (50) ने सहज भाव से यह बात कही थी। तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह यही शब्द हकीकत बन जाएंगे।

राठौड़ बुधवार सुबह रोज की तरह ड्यूटी के लिए घर से निकले, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने बेटे को बुलाया और हाथीपोल थानाधिकारी राजू देवी को फोन कर तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी। उन्हें तत्काल एमबी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी, संवेदनशील इंसान और परिवार के मुखिया का यूं अचानक चले जाना हर किसी की आंखें नम कर गया।

हर कोई रह गया स्तब्ध, परिवार बेहाल

दलपत सिंह राठौड़ के निधन की खबर मिलते ही अस्पताल में कई पुलिस अधिकारियों पहुंच गए। पूरे महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। दलपत सिंह परिवार में पीछे पत्नी और दो बेटे, 24 वर्षीय मयंक राज सिंह और 22 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह को छोड़ गए। उनके अचानक चले जाने से न केवल उदयपुर पुलिस ने एक कर्मठ अधिकारी खोया है। बल्कि परिवार ने अपना सहारा और समाज ने एक संवेदनशील पुलिस अधिकारी भी खो दिया।

अधूरे रह गए सपने, पीछे छूटे कई काम

दलपत सिंह के अचानक निधन ने कई अधूरे सपने पीछे छोड़ दिए। सावन की शुरुआत पर उन्होंने साथियों से कहा था कि एक-दो दिन बाद थाने में प्रसादी करेंगे। उन्होंने शोभागपुरा क्षेत्र में नया मकान बनवाया और करीब एक महीने बाद ही गृह प्रवेश की तैयारियां थी। 14 अगस्त को उनका जन्मदिन था, जिसे साथी पुलिसकर्मी उत्साह से मनाने की योजना बना रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

पुलिस महकमे में थे सम्मानित अफसर

दलपत सिंह वर्ष 1999 में पुलिस सेवा में आए थे। मूल रूप से भीलवाड़ा के निवासी दलपत सिंह ने उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिलों के विभिन्न थानों में सेवाएं दीं। उदयपुर में वे सवीना, सुखेर, खेरवाड़ा और पिछले करीब छह माह से अंबामाता थाने में थानाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनकी कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव के कारण वे पुलिस महकमे में बेहद सम्मानित और जिम्मेदार पुलिस अफसर थे।