-चार शिक्षकों के भरोसे गींगला बालिका विद्यालय -क्रमोन्नत होने के 2 साल बाद भी पद खाली
गींगला.(उदयपुर). सरकार ने गींगला गांव में गत वर्ष राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत तो कर दिया, लेकिन दूसरे वर्ष भी एक भी व्याख्याता की नियुक्ति नहीं की गई। यहां कक्षा एक से 12 तक कुल 280 बालिकाएं अध्ययनरत है। इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र चार शिक्षक व एक शारीरिक शिक्षक ही है। इस पर बुधवार को ग्रामीण स्कूल पहुंचे और आक्रोश जताकर तालाबंदी करने पर मजबूर हो गए। मगर, उच्च अधिकारियों के आश्वासन पर मान गए।
ग्रामीणों ने बताया कि क्रमोन्नति के बाद इस वर्ष कक्षा 12 वीं में 35 छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में कक्षा 11 एवं 12 के लिए एक भी व्याख्याता नहीं होने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। विद्यालय में प्रधानाचार्य, वरिष्ठ अध्यापक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित कई पद रिक्त है। वर्तमान में केवल सेकण्ड ग्रेड के गणित व अंग्रेजी विषयाध्यापक, तृतीय श्रेणी एल टू के दो व एक शारीरिक शिक्षक है। इनमें से एक बीएलओ है, एक के पास प्रधानाचार्य व एक के पास पोषाहार व अन्य का चार्ज है। ऐसे में बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
दो साल से भामाशाह लगा रहे अध्यापक :
2 साल से विद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते यहां के भामाशाह आर्थिक सहयोग कर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित निजी अध्यापकों को स्कूल में लगाकर बोर्ड कक्षाओं का परिणाम बेहतर रखने का प्रयत्न कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार यह व्यवस्था करना आसान नहीं है। सरकार इसे लेकर व्यवस्था करें। वहीं, राउमावि गींगला में भी शिक्षकों की कमी है।
आक्रोश जताकर दी चेतावनी :
गींगला उपसरपंच नाथूलाल, डूंगरलाल पटेल सहित कई ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर शिक्षकों की कमी पर आक्रोश जताया और तालाबंदी करने लगे। इस पर शिक्षकों ने उच्चाधिकारियों को इस बारे में बताया। ग्रामीणों की मांग पूरी करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। मौके पर ग्रामीणों ने शीघ्र व्यवस्था नहीं करने पर तालाबंदी कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इनका कहना है
गींगला में ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिली है। तीन-तीन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति दोनों विद्यालयों में की जा रही है। गुरुवार से शिक्षक पहुंच जाएंगे। इसके अलावा आगामी समय में शिक्षक भर्ती से लगाएंगे।
पीयूष जैन, सीबीईओ, सलूम्बर