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रेलवे ट्रैक पर पशु हादसों की रोकथाम के लिए अनूठी पहल

उदयपुर जिले के सेमारी के युवाओं ने चलाया जन जागरूकता अभियान रेलवे विभाग बोला - संवेदनशील मुद्दा, जल्द ही ठोस योजना अमल में लाई जाएगी

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रेलवे ट्रैक पर पशु हादसों की रोकथाम के लिए अनूठी पहल

रेलवे ट्रैक पर पशु हादसों की रोकथाम के लिए अनूठी पहल

सुरेन्द्र सिंह राव - शंकर लाल कलाल

उदयपुर -सेमारी.प्रदेशभर में रेलवे ट्रैक पर इंसान व पशुओं के ट्रेनों से कटकर दशकों से हादसे होते आए हैं, लेकिन इस दिशा में किसी ने भी गंभीरता से न तो विचार किया और न ही कोई कार्रवाई। जिससे यह समस्या अर्से से बनी हुई है और लाइलाज हो गई है। राज्य में भले ही ऐसे मामले की अनदेखी रही हो, लेकिन उदयपुर जिले के सेमारी क्षेत्र के युवाओं ने जो कर दिखाया है वह काबिले तारीफ और अनूठा प्रयोग है। पशुओं के प्रति प्रेम भावना दर्शाते हुए युवाओं की टीम ने इन्हें बचाने का बीड़ा उठाया है। रेलवे विभाग ने भी इस पहल पर सकारात्मक कदम उठाते हुए लोको पायलट को रेलों की गति नियंत्रित रखने को कहा है, ताकि कोई बेजुबान पशु अकाल मौत न मर जाए।

अब तक मर चुके सैकड़ों पशु

उदयपुर-अहमदाबाद रेलखंड पर ब्रॉडगेज लाइन की शुरुआत से लेकर अब तक सैकड़ों पशुओं की मौत चुकी है। रेलवे ट्रैक पर हादसों की रोकथाम को लेकर सेमारी के जैन समाज के 5 नवयुवकों ने अभियान शुरू किया। नवयुवक मंडल में हिमालय जैन, भरत कुमार जैन, अर्पित जैन, राहुल जैन, कांतिलाल जैन शामिल है। युवाओं की टीम ने 2 से 22 जुलाई के बीच प्रतिदिन दोपहर 2 से रात 8 बजे तक जन जागरुकता अभियान चलाया।

इसके तहत उदयपुर से डूंगरपुर के मध्य रेलवे ट्रैक के आसपास के 50 गांवों, बस्तियों एवं घरों में साउंड सिस्टम एवं पत्रक वितरित कर प्रचार- प्रसार किया। साथ ही गांवों एवं बस्तियों के मुख्य चौराहे पर जनप्रतिनिधियों, वार्डपंचों, मुखिया, बुजुर्ग अनुभवी व्यक्तियों एवं महिलाओं को एकत्र कर पशुओं को रेलवे पटरियों से दूर रखने, रेलवे ट्रैक के आसपास चरने के लिए नहीं भेजने, किसी पशु के रेलवे ट्रैक के समीप नजर आने पर उसे तुरंत दूर करने के लिए प्रेरित किया। नवयुवकों ने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम से पशुपालकों तक संदेश पहुंचाया। वहीं, रेलवे ने भी इस मुद्दे को संवेदनशीलता से लेते हुए जल्द ही कोई ठोस योजना अमल में लाने के संकेत दिए हैं।

अभियान में सभी कर रहे सहयोग :

इस अभियान में ग्रामीणों के साथ ही पशुपालकों, नवयुवकों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों का भी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। साथ ही रेलवे प्रशासन से जल्द ही तारबंदी या अन्य कोई भी समाधान निकालकर हादसों को रोकने की मांग की गई है।

500 किमी का सफर तय कर बनाई संवेदनशील क्षेत्रों की सूची

टीम ने करीबन 50 गांवों में जाकर जन जागरूकता का अभियान चलाया है। जहां 2300 से अधिक पत्रक वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही दुर्गम क्षेत्रों का सफर तय कर 27 संवेदनशील क्षेत्रों की सूची उत्तर पश्चिम रेलवे मंडल अजमेर को भेजी जा चुकी है।

सकारात्मक परिणाम आने तक जारी रहेगा अभियान

नवयुवकों ने बताया कि उदयपुर से डूंगरपुर के मध्य गांवों एवं बस्तियों में अभियान चलाया गया। यह जनजागरूकता अभियान सकारात्मक परिणाम आने तक जारी रहेगा।

अभियान का असर

अभियान को देखते हुए उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज रेलवे लाइन पर चलने वाली सभी ट्रेनों के लोको पायलट व क्रू मेंबर ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में ट्रेन की गति को धीमा कर विशेष सतर्कता बरती है। साथ ही पशुधन रेलवे ट्रैक से दूर रहे, इसके लिए क्षेत्र के पशुपालक भी ध्यान रख रहे हैं।

इनका कहना

जीव रक्षा के लिए टीम का प्रयास सराहनीय है और रेलवे विभाग भी इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। जल्द ही कोई ठोस योजना अमल में लाई जाएगी। जिससे इन पशु हादसों पर विराम लगेगा।

बलदेव राम, एडीआरएम, उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर


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