चंदूजी का गढ़ा क्षतिग्रस्त पुलिया का मामला बैंक गारंटी जमा हो तो मिले वर्क ऑडर लोगों ने विद्युत खंभे बिछाकर किया आवागमन चालू
उदयपुर . सलूम्बर. सलूम्बर.जिले के जयसमंद पंचायत समिति अंतर्गत चंदूजी का गढ़ा गांव जाने वाले मार्ग के टीडी नदी पर स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त होने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने दूसरी बार निर्माण निविदा जारी की लेकिन दूसरी बार भी निविदा 24% बिलों में खुली । ग्रामीणों ने पैदल एवं मोटरसाइकिल आवागमन के लिए विद्युत खंभे बिछाकर आवागमन शुरू किया।
यह है मामलाजयसमंद पंचायत समिति अंतर्गत उदयपुर- सलूम्बर मेगा हाइवे मार्ग से चंदूजी का गढ़ा जाने के लिए
संपर्क सड़क चंदूजी का गढ़ा मार्ग पर टीडी नदी पर पुलिया बनी हुुई थी, जो बारिश के समय में टीडी नदी में आये तेज पानी के बहाव से पूर्ण रूप से टूट गई । पुलिया टूटने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था । इस पर सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर जनप्रतिनिधि को अवगत कराया। जनप्रतिनिधि एवं जयसमंद पंचायत समिति प्रधान गंगा राम मीणा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से पुल निर्माण को लेकर तखमीना बनवाया। विभाग ने 50 लाख की तक की तकनीकी स्वीकृति जारी कर दी ।
प्रथम निविदा खुली 29% बिलो-चंदूजी का गढ़ा पुलिया निर्माण को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 50 लाख की तकनीकी स्वीकृति जारी करते हुए ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की गई। 45 लाख की वित्तीय स्वीकृति के बाद ऑनलाइन आमंत्रित निविदा ठेकेदार फर्म के नाम पर 29% बिलो खुली । सार्वजनिक निर्माण विभाग सलूम्बर के अधिशाषी अभियंता भानु प्रताप दायमा ने 29% बिलो निविदा खुलने पर कार्य की गुणवत्ता को देखते हुए निविदा निरस्त करवाई ।
द्वितीय निविदा साढ़े 24% बिलो खुली
प्रथम निविदा 29% बिलो होने के कारण विभाग द्वारा निरस्त करने के बाद फिर से इसी कार्य पर 45 लाख की ऑनलाइन द्वितीय निविदा आमंत्रित की गई । द्वितीय निविदा साढ़े 24% बिलो खुली । निविदा खुलने के बाद ठेकेदार फर्म द्वारा निर्माण कार्य शुरू करना होगा।
बिलो रेट पर खुली निविदा पर ठेकेदार फर्म को जमा करना होगा बैंक गारंटी- सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्य में चंदूजी का गढ़ा पुलिया निर्माण को लेकर निविदा साढे 24% बिलो अर्थात कम राशि मे खुलने के कारण ठेकेदार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यालय में बैंक गारंटी (अन बेलेंस ) की राशि जमा करनी होगी क्योंकि ठेकेदार ने राज्य सरकार एवं विभाग द्वारा तय स्वीकृत बजट से साढ़े 24% बिलो (कम) में निर्माण कार्य लिया है ।
वर्क ऑर्डर मिलेगा तो ही कार्य होगा शुरू-चंदूजी का गढ़ा पुलिया निर्माण को लेकर निविदा बिलो राशि में खुलने के कारण ठेकेदार द्वारा बैंक गारंटी देने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग निर्माण कार्य को लेकर वर्क ऑर्डर जारी करेगा, जिसके बाद ठेकेदार निर्माण कार्य शुरू कर सकेगा।
परेशान ग्रामीणों ने शुरू किया आवागमनटीड़ी नदी में तेज पानी के बहाव के बाद पुलिया क्षतिग्रस्त होने से उदयपुर- सलूंबर मेगा हाइवे से संपर्क टूट गया था । ग्रामीणों ने विभाग से होने वाले निर्माण कार्य में लग रहे अधिक समय को देखते हुये चंदूजी का गढ़ा पुलिया निर्माण के पाइप को ग्रामीणों ने व्यवस्थित तीन तीन पाइप बीचोंबीच जमाकर उनके ऊपर एक तरफ तीन ओर एक तरफ तीन बेकार पड़े खंभे को लाकर जमाया, जिस पर आवागमन शुरू किया गया।
पुल टूटने से नजदीक गांव का निकटतम रास्ता हुआ बंद
पुलिया टूटने के कारण लंबे समय से चंदूजी का गढ़ा गांव का मुख्य रास्ता तो है ही लेकिन झाड़ोल , श्यामपुरा ,पादरड़ा ,तलाई ,आम्बामहूडा के ग्रामीणों के ग्रामीणों को उदयपुर जाने के लिए मेगा हाइवे तक पहुंचाने का यह नजदीक मार्ग था जो अब बन्द पड़ा है ।इस मार्ग पर चंदूजी का गढ़ा के ग्रामीणों को चार पहिया वाहन के लिये अन्य गांवों से गुजर कर मेगा हाइवे पर पहुचना पड़ता है ।
दुर्घटना की भी आशंकापुलिया पर ग्रामीणों द्वारा बनाए गए जुगाड़ पर दुपहिया वाहन निकालने तथा पैदल या कोई सामान सिर पर वजन उठाकर ले जाते समय नजर हटने से दुर्घटना का अंदेशा रहता है। ग्रामीणों को विद्युत पोल के माध्यम से पुलिया पार करनी पड़ती है।
सबसे ज्यादा किसान परेशानचंदूजी का गढ़ा एवं आसपास के गांव में ज्यादातर किसान वर्ग रहता है ,किसानों को ट्रैक्टर एवं बैलगाड़ी के माध्यम से जाना होता है परंतु पुलिया अवरुद्ध होने के कारण नजदीक गांव से किसी भी प्रकार का कोई साधन नहीं मंगाया जा सकता। यहां तक खेतों की सब्जियां उदयपुर मंडी में भेजने के लिए चार पहिया वाहन या बैलगाड़ी के माध्यम से मेगा हाइवे तक पहुंचाना पड़ता है लेकिन पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण किसान वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
प्रथम निविदा 29% बिलो अर्थात कम राशि में संबंधित फर्म ठेकेदार के नाम ऑनलाइन खोली गई थी जिसको कार्य की गुणवत्ता नहीं मिलने की संभावना को देखते हुए विभागीय कार्रवाई करते हुए निरस्त करवा दिया था। सेकंड ऑनलाइन निविदा में साढ़े 24 % बिलो राशि में ऑनलाइन निविदा संबंधित फार्म के नाम खुली है लेकिन ठेकेदार द्वारा बिलो राशि पर खुली निविदा की बैंक गारंटी राशि जमा नही कराई , बैंक गारंटी राशि जमा होते ही वर्क आर्डर जारी करके निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा- भानु प्रताप दायमा, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सलूम्बर