व्यावसायिक प्रतिष्ठान रहे बंद
कोटड़ा. (उदयपुर) .कोटड़ा उपखंड क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर उपखंड कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कोटड़ा- उदयपुर मार्ग पर करीब नौ घंटे जाम लगा दिया। बाद में उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप समस्याओं के समाधान की तांग की।कोटड़ा क़स्बे के व्यापारियों ने भी सुबह से ही अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कर धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को समर्थन दिया। धरना प्रदर्शन के दौरान झाड़ोल विधायक बाबूलाल खराड़ी, कोटड़ा प्रधान सुगना देवी खैर, पूर्व प्रधान मुरारीलाल बुम्बरीया, मंडल अध्यक्ष मालजी राम पारगी मौजूद रहे।
132 केवी विद्युत लाइन की मांगसामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट हिम्मत तावड़ ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती, ओवर लोड और बार बार ट्रिपिंग की समस्या से किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूख रही है, जिससे ग्रामीणों के सामने खाद्यान्न की समस्या उत्पन्न होने की संभावना है। इसके स्थायी समाधान के लिए क्षेत्रवासी लंबे समय से 132 केवी विद्युत लाइन की मांग कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन की लेटलतीफी के कारण किसान और आमजन बिजली नहीं मिलने से परेशान हैं।
आदिवासियों का विस्थापन बंद हो
सरपंच प्रतिनिधि देवीलाल बुम्बरीया ने कहा कि कोटड़ा में बुझा का नाका व चक सांडमारिया बांध बनने की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू की जा रही है, जिससे गरीब आदिवासियों को उनके घरों, जमीन से जबरन बेदखल करते हुए विस्थापित किया जा रहा है। जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और सरकार गरीब आदिवासियों का विस्थापन बंद करे।
सड़कें स्वीकृत, लेकिन वन विभाग की अड़चन
उमरिया सरपंच मोहन लाल ने कहा कि गोदलवाडा से अम्बादेह सड़क, खांचन से लोहारी, पोपटाली से उमरिया, शिशविया से नाल, उमरिया से अम्बादेह, गोदलवाडा से बोर्डीखुर्द सभी सड़कें स्वीकृत हैं परंतु वन विभाग की अडचन के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ना ही उक्त सभी गांवों में विद्युतीकरण किया जा रहा।
विद्युत सुविधा से वंचित ग्रामीण
बड़ली सरपंच माया देवी ने बताया कि डूंगरिया व चौकी, ग्राम पंचायत बडली के ग्रामीण बिजली की सुविधा से वंचित है। इसे देखते हुए उक्त गावों में विद्युतकरण की मांग की गई।बैंक खाते बंद करने पर जताई नाराजगी
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक कोटडा में गरीब, विधवाओं, बुजुर्गों के 75000 खाते बैंक ने बंद कर दिए है। जिससे आम लोग काफी परेशान है। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।
मौके पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारी, आश्वासन पर नौ घण्टे बाद धरना समाप्त
जनप्रतिनिधि ग्रामीण सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। कोटड़ा तहसीलदार मंगला राम मीणा, विद्युत निगम के सहायक अभियंता प्रशांत राठौड़, पीडब्ल्यूडी , जलदाय और वन विभाग के अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का समाधान सम्बंधित विभागों के आपसी समन्वय से कराने की बात कही। अधिकारियों के आश्वासन पर कोटड़ा- उदयपुर मार्ग पर बैठे जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने आखिर नौ घण्टे बाद धरना समाप्त किया। वहीं शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस थाना कोटड़ा थानाधिकारी अशोक सिंह एवं मांडवा थानाधिकारी दलपत सिंह मय जाप्ता तैनात रहे।