- वर्धमान सागर ससंघ का सेक्टर-5 में हुआ प्रवेश - दो दिवसीय विधान शुरू हुआ
उदयपुर. आचार्य वर्धमान सागर संसघ का सेक्टर-5 िस्थत श्री शांतिनाथ दिगम्बर जिन चेत्यालाय में शुक्रवार को मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई।
अध्यक्ष मदन लाल गंगवाल व महामंत्री सुमति लाल वालावत ने बताया कि आचार्य ससंघ ने सुबह 6.30 बजे सेक्टर-4 के नागेंद्रा भवन से विहार किया। सेक्टर-5 के समाज ने उनकी अगवानी की और शोभायात्रा के रूप में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जिन चेत्यालाय लाया गया। शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रही थी। बैंड की धुन पर नाचते गाते चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह आचार्य के पाद प्रक्षालन एवं आरती की गई। मंदिर पहुंचने पर कमेटी की ओर से आचार्य के पाद प्रक्षालन कर आरती की गई।
धर्म सभा को संबोधित करते आचार्य ने कहा कि जिनागम जो कि भगवान की वाणी देशना है उसका अनुसरण करना सभी का कर्तव्य है। श्री चौसट रिद्धि विधान तीन लोक में मंगलमय व रोग शोक भय दुःख दारिद्र का निवारक व रिद्धि सिद्धि प्रदान करने वाला है। यह विचार आचार्य वर्धमान सागर ने रिद्धि सिद्धि दायक एवं दुख़ दारिद्र निवारक श्री चौसट रिद्धि विधान की शुरुआत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि असीम पुण्यकारी एवं कर्म प्रक्षालक श्रीचौसट रिद्धि विधान में भाग लेकर आप अपनी मनुष्य पर्याय को सार्थक बनाए।
इस अवसर पर रंगलाल डुंगरिया, विजय टोंगया, थावर चंद दामावत, पदम केरोत, मनोज गदिया, मदनलाल गंगवाल, सुरेश लुणादिया, सुमति प्रकाश वालावत, महावीर प्रसाद, ज्योति वालावत सहित समाज के प्रबुद्धजन मौजूद थे।
मनोज चम्पावत ने बताया कि शनिवार सुबह 7.45 बजे आचार्य की दिव्य देशना, दोपहर श्री चौसट रिद्धि विधान की पूर्णाहुति एवं विश्व शांति महायज्ञ होगा। शाम 6.30 बजे आरती होगी।