
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर। वल्लभनगर में सियाखेड़ी के रहने वाले युवक पवनदास वैष्णव रोजगार के लिए दुबई गया था, जहां उसके साथ घटना हो गई। एक गिरोह ने काम का झांसा देकर पवन का अपहरण कर लिया। उसके घर पर कॉल करके 15 लाख फिरौती मांगी गई। रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं करने पर पवन को जान से मारने की धमकी दी गई।
बदमाशों के कॉल से आहत हुए पवन के भाई जगदीश वैष्णव ने सांसद सीपी जोशी के माध्यम से रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव तक गुहार लगाई। रेलवे मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया और दूतावास में इसकी सूचना दी। दूतावास ने पवन के भाई से पूरे मामले की जानकारी ली और दुबई स्थित दूतावास से संपर्क किया। दुबई दूतावास भी सक्रिय हुआ और पवन की तलाश शुरू की। सूचना जैसे ही पवन का अपहरण करने वाले गिरोह तक पहुंची तो वे घबराए और 4 अक्टूबर शाम को पवन को एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर दूर सड़क पर छोडकर भाग गए।
रेलवे मंत्री से मिली मदद
पवन के भाई जगदीश ने बताया कि जब मेरे पास फोन आया तो हम घबरा गए, हमने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा, लेकिन कहीं से कोई समाधान नहीं निकल रहा था। इस दौरान हमने सांसद सीपी जोशी और राज्यमंत्री कैलाश चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने हमारी मदद की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी मेल के जरिए मंगवाई। अगले दिन रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने मामले में संज्ञान लेते हुए हमने डिटेल में बात की और हमें भरोसा दिलाया कि वे पवन की सलामती का भरोसा दिलाया। अगले दिन ही हम दिल्ली गए और रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यालय जाकर पूरे घटनाक्रम सहित हमारे पास उपलब्ध हर जानकारी दी।
तीन माह पहले दुबई गया था पवन
युवक के भाई जगदीश वैष्णव ने बताया कि कुछ परिचित दुबई में काम करते हैं। पवन उन्हीं से बात कर 15 जुलाई को दुबई गया था। वहां उसने परिचितों की मदद से कुछ छोटा-मोटा काम किया, लेकिन कोई अच्छा रोजगार उसे नहीं मिल पा रहा था। वह काम की तलाश कर ही रहा था, इसी दौरान वह दुबई में श्रीलंका के एक नागरिक के संपर्क में आया। उसने पवन को काम दिलवाने का भरोसा दिया। उस व्यक्ति ने पवन को कुछ अनजान लोगों के साथ कार में काम की जगह भेज दिया। पवन जहां पहुंचा, वह दुबई में बेहद सुनसान इलाके में बना एक विला था। पवन को बताया गया कि उसे वहीं रहकर ऑनलाइन मार्केटिंग काम करना है। उन लोगों ने पवन का वीजा-पासपोर्ट भी जबरन ले लिए।
निकलना चाह रहा था पवन
पवन को वहां काम सही नहीं लग रहा था। इस पर पवन ने वहां से निकलने के बारे में सोचा तो वहां के लोगों ने पवन के साथ गंभीर मारपीट की और बंधक बना लिया। पवन के भाई जगदीश ने आगे बताया कि 21 सितंबर को पवन का मेरे पास फोन आया कि मैं यहां फंस गया हूं, 7 लाख रूपए का इंतजाम कर लो। करीब एक घंटे बाद पवन के ही मोबाइल नंबर से फिर फोन आया, तब पवन के बजाए कोई और बोल रहा था। उस व्यक्ति ने धमकी दी कि 10 लाख 96 हजार रूपए ट्रांसफर कर दो, नहीं तो इसे मार देंगे। यह सुनकर घरवाले काफी घबरा गए। अगले दिन गिरोह को फिर फोन आया और इस बार राशि बढ़ाकर 15 लाख कर दी और बोले कि यह राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करो और अभी इसे यहीं काम करना होगा।
Published on:
07 Oct 2023 12:11 pm
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