
इस दौरान भगवान जगदीश को खुले में स्नान कराया जाता है। गर्मी में ठंडे पानी से स्नान कराने पर उन्हें सर्दगर्म हो जाता है और भगवान जगदीश बीमार हो जाते है, करीब 15 दिन तक जगदीश को काढ़े का भोग लगाया जाता है।

जब भगवान जगदीश स्वस्थ होते तो अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते है। आगामी 14 जुलाई को भगवान जगदीश भक्तों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे।