
प्रेमदास वैष्णव/अदवास. ग्राम पंचायत के खानाखेड़ी गांव के लोगों को पिछले दो माह से पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव के केशा मीणा ने बताया कि गांव में सौ घरों की आबादी में पेयजल के लिए मात्र दो हैंडपम्प लगे हुए है, वो भी पिछले दो माह से नकारा पड़े हुए हैंं। जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज स्थित कुओं पर भटकना पड़ रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो माह से नकारा पड़े हैंडपम्पों को दुरुस्त कराने के लिए हैंडपम्प मिस्त्री, पंचायत प्रशासन व जलदाय विभाग को अवगत कराने के बावजूद भी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। गांव में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2002 में पेयजल टंकी का निर्माण करवाकर जयसमंद पाइपलाइन से जोड़ा गया, लेकिन पिछले 16 वर्ष गुजर जाने के बावजूद भी आज तक टंकी में पानी की बूंद तक नहीं गिरी है। पूरा गांव आज भी हैंडपम्पों पर निर्भर है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग से हैंडपम्पों को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
इधर, कुराबड़ में पेजयल समस्या
कुराबड़/गींगला पसं. कुराबड़ कस्बे में पिछले कई दिनों से पेयजल समस्या बनी हुई है। कस्बेवासियों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से आजाद मोहल्ले में पिछले 5 दिनों से जलापूर्ति नहीं होने से पेयजल गहराया हुआ है। इस दौरान आजाद मोहल्ले में कस्बेवासी पेयजल की किल्लत के चलते हैंडपंप सहित अन्य विकल्पों का सहारा ले रहे है। सिकंदर खान सहित कस्बेवासियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय कर्मचारियों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे आजाद मोहल्ले सहित अन्य मोहल्लों में इन दिनों पेयजल संकट छाया हुआ है। गौरतलब है कि कुराबड़ कस्बे में पातरे जलापूर्ति होती है, लेकिन अब पानी की कमी के चलते अंतराल बढ़ा दिया है। इस संबंध में विभाग के जेईएन शिवलाल गुर्जर ने बताया कि कुराबड़ कस्बे में शिकायत पर मौके पर जाकर देखा है, पानी की ट्यूबवेल की टेस्टिंग भी की गई। जिसमें पता चला कि पानी का स्तर कम होने से समस्या बढ़ी है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
Published on:
16 May 2018 04:12 pm
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