
shadi vivah shubh muhurat 2022
Wedding Muhurat देवउठनी एकादशी के बाद से ही मांगलिक कार्यों के लिए खास माने जाने वाला शुक्र तारा 20 नवंबर को उदय होगा। इसके बाद फिर से ढोल-नगाड़े और शहनाइयां बजेंगी और विवाह समारोह सहित अन्य मांगलिक आयोजन हो पाएंगे। पं. जगदीश दिवाकर के अनुसार, 28 और 29 सितम्बर की रात 3:10 से शुक्र देव अस्त चल रहे थे। इसलिए विवाह कार्य रुके हुए थे। अधिक विवाह केवल देवउठनी एकादशी पर ही हुए थे। शुक्र ग्रह 20 नवंबर को उदित होंगे। इसमें सभी प्रकार के मांगलिक कार्य विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत आदि नहीं होंगे।
विवाह के लिए शुक्र और गुरू का उदय होना जरूरी
ज्योतिषाचार्य पंडित निलेश शास्त्री ने बताया कि विवाह के लिए शुक्र और गुरू का उदय होना जरूरी है। गुरु जहां मांगलिक कार्यों का कारक ग्रह है। वहीं, शुक्र को विवाह व भोग विलास का कारक माना गया है। शुक्र तारे के उदय होने के बाद तीन दिन तक बाल्यत्व दोष होने से शुभ कार्य नहीं होंगे। ऐसे में 24 नवंबर को विवाह मुहूर्त हैं। नवंबर, दिसंबर तथा अगले वर्ष जनवरी में महज 20 के आसपास सावे रहेंगे। ऐसे में एकल और सामूहिक विवाह की धूम रहेगी। नवंबर व दिसंबर माह में होने वाली शादियों के लिए बाजार में इन दिनों खरीदारी जोरों पर है।
ये रहेंगे सावे
24 से लेकर 27 नवंबर तक विवाह मुहूर्त हैं। वहीं, 28 व 29 नवंबर को 10 रेखीय सावा, 2 दिसंबर को सात रेखीय, 4 को दस रेखीय, 7 व 8 दिसंबर को सात रेखीय, 9 को दिवा लग्न छह रेखीय और 14 को छह रेखीय सावा रहेगा। 16 दिसंबर से धनु मलमास लगने के कारण 14 जनवरी के बाद ही शुभ कार्य होंगे। अगले साल 26 जनवरी को विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।
Updated on:
20 Nov 2022 10:37 pm
Published on:
20 Nov 2022 10:36 pm
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