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वन्यजीव गणना में यहां दिखे पांच पैंथर, हमारे जंगलों से सुखद संकेत, देखे वीडियो व फोटो….

वन्यजीवों के आंकड़े कम्पाइल हुए, अब जाएंगे जयपुर मुख्यालय को

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वन्यजीव गणना में यहां दिखे पांच पैंथर, हमारे जंगलों से सुखद संकेत

वन्यजीव गणना में यहां दिखे पांच पैंथर, हमारे जंगलों से सुखद संकेत

मुकेश हिंगड़

जंगलों व अभयारण्यों में चांदनी रोशनी में वन्यजीव गणना का कार्य मंगलवार को खत्म हुआ। महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे जंगलों से अभी तक जिस प्रकार वन्यजीव दिखे उससे सुखद संकेत मिल रहे हैं। सज्जनगढ़ अभयारण्य में दो तो अम्बेरी, कोडिय़ात व उबेश्वरजी में एक-एक पैंथर गणना के दौरान दिखे। पानरवा में भालू दिखे तो कोडिय़ात क्षेत्र में बड़ी संख्या में मोर दिखाई दिए। वन्यजीव गणना सुबह 8 बजे खत्म हुई, उसके बाद गणना की शीटों को लेकर आंकड़ों को कम्पाइल करने का कार्य किया गया। अब इन आंकड़ों को जयपुर वन मुख्यालय भेजा जाएगा, जहां से पूरे प्रदेश के आंकड़े कम्पाइल होने के बाद आधिकारिक रूप से गणना के आंकड़े जारी किए जाएंगे। अभयारण्यों में जंगली सूअर बड़ी संख्या में दिखाई दिए।

यहां दिखे पैंथर से लेकर अन्य वन्यजीव
1. सज्जनगढ़ अभयारण्य

सज्जनगढ़ में दो पैंथर दिखाई दिए। इसके अलावा यहां बड़ी संख्या में दूसरे दूसरे वन्यजीव दिखाई दिए।

2. फुलवारी की नाल

फुलवारी की नाल के जंगल में भालू दिखे। पानरवा के पास दो भालू दिखाई दिए थे।

3. उबेश्वर का जंगल

उबेश्वरजी के जंगल में बंदरों का शोर था तभी एकाएक सबकी नजर गई। पक्षीप्रेमी कनिष्ठ कोठारी बताते है कि इसी दौरान वहां एक पैंथर दिखाई दिया।

4. अम्बेरी का जंगल

अम्बेरी स्थित जैव विविधता पार्क में पैंथर दिखाई दिया। चीरवा से अम्बेरी के इस जंगल में भी कई वन्यजीव देखे गए।

5. कोडिय़ात नाका

कोडिय़ात नाका के पास के जंगल में भी वन्यजीव दर्ज किए गए। वहां पर नाके के पीछे एक साल का पैंथर शावक देखा गया। वहां मचान से वन विभाग के धर्मेन्द्र सक्सेना व भानाराम ने शावक को देखा।

जंगली सूअर का नंबर बढ़ा है
गणना की रिपोर्ट कम्पाइल की गई है, पूरी रिपोर्ट तैयार कर जयपुर भेजेंगे। वैसे जंगली सूअर की संख्या बढ़ी है क्योंकि कई जगह देखे गए। पैंथर को लेकर भी सुखद सूचनाएं सामने आई है।
- डाॅ. अजीत ऊंचोई, उप वन संरक्षक (वन्यजीव)

वन्यजीवों के गुर्राने की आवाजों ने डरा ही दिया

कुंभलगढ़ क्षेत्र में भी सुबह आठ बजे गणना खत्म हुई। वहां कभी हिंसक जानवरों की गुर्राहट तो कभी पक्षियों की चहचहाट के बीच वन्यजीवों की गणना को कुंभलगढ़ के 40 कृत्रिम एवं प्राकृतिक वाटर हॉल पर 34 मचान एवं 6 वॉच टॉवर के माध्यम से लगभग 80 गणकों ने अंजाम दिया। गणना के दौरान राजसमंद से आए छोटी ओदी वाटर हॉल पर गणकों ने बताया कि शाम ढलने के साथ ही वीरान जंगल से रात के अंधेरे में मन को विचलित करने वाली वन्यजीवों आवाजें आने लगी। कई बार तो लगा जैसे कोई हिंसक जानवर आपस में लड़ रहे हैं। तो कई बार नजदीक ही गुर्राने की आवाजों ने इस कदर डरा दिया कि रोम-रोम में सिहरन दौड़ गई। वहीं कोठार वड़ वाटर हॉल पर बैठे हसन खां एवं सलीम शेख ने देर शाम पैंथर एवं भालू को जब नजदीक से देखा तो सांसे ठहर सी गई। लेकिन, कुछ ही पल में वह नजरों से ओझल भी हो गए। वहीं, देर रात दो जरख देखे गए। साथ ही तीन भालू एक साथ देखे तो बिज्जू एवं सांभरों का झुण्ड देखा गया।

नीचे वीडियो देखे..........फुलवारी की नाल में दिखा भालू


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