साल के आखिरी दिनों में उज्जेन महाकाल मंदिर घूमने देशभर से आ रहे लोग
उज्जैन. कोरोना प्रतिबंध हटने के बाद 6 दिसंबर 2021 से श्रद्धालुओं को गर्भगृह से बाबा महाकाल के दर्शन करवाए जा रहे हैं। ऐसे में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आने लगी है। शनिवार, रविवार को तो भक्तों की कतार हरसिद्धि माता मंदिर तक पहुंच रही है। साल के आखिरी है। दिनों में क्रिसमस अवकाश का फायदा लेने के लिए प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में बड़ी संख्या श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
वहीं बाबा के दर्शन कर नववर्ष की शुरुआत करने भी श्रद्धालु उज्जेन पहुंचेंगे। ऐसे में मंदिर प्रबंध समिति, पुलिस, प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कोराना काल में बड़ा नुकसान झेलने वाले शहर के व्यापारी भी श्रद्धालुओं की आमद से उत्साहित हैं और उन्हें अच्छे व्यापार की उम्मीद है।
ऐसे चमकेगा बाजार
उज्जैन में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 250 होटल, लॉज और धर्मशालाएं हैं। होटल संचालक जय सिंह के अनुसार 400 से 5000 रुपए प्रतिदिन के किराए में कमरे उपलब्ध हैं। न्यूनतम 60 रुपए में सात्विक भोजन की थाली उपलब्ध है। ऑटो संचालक गुलरेज के अनुसार देवासगेट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से श्रद्धालुओं को न्यूनतम 40 रुपए में मंदिर तक छोड़ा जाता है। रात में नाइट चार्ज लगता है।
यह है मंदिर में प्रवेश ओर दर्शन व्यवस्था
सामान्य दर्शन: आम श्रद्धालु सुबह 4 से रात 11 बजे तक प्रवेश कर सकते हैं। दर्शन में प्रोटोकॉल शुल्क 100 रु. प्रति व्यक्ति है। वीआइपी के लिए 250 रुपए शुल्क है। अब प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगने के बाद भस्मारती और शयन आरती में भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है।
भस्म आरती: आम श्रद्धालुओं को ऑफलाइन में सशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। ऑफलाइन आवेदन एक दिन पहले देना होता है। इसका शुल्क प्रति व्यक्ति 200 रुपए है। कोरोना संक्रमण के चलते भस्मारती में प्रवेश बंद कर दिया गया है।
फेसिलिटी सेंटर से प्रवेश: सामान्य दर्शनार्थियों को शंख द्वार, फेसिलिटी सेंटर से प्रवेश दिया जा रहा है। वैक्सीन प्रमाण पत्र व मास्क पहनना तथा सैनिटाइजर अनिवार्य है।
श्रद्धालु मंदिर परिसरः कार्तिकेय मंडपम से रैम्प उतरकर गणेश मंडपम् की बैरिकेडस से नंदी मंडपम होते हुए, नंदी हॉल में प्रवेश करके रैम्प से बाहर निकलेंगे।
गर्भगृह में प्रवेश बंद के दौरान ये व्यवस्था: गर्भगृह में प्रवेश बंद के दौरान 1500 रुपए की रसीद पर 2 श्रद्धालु, लघु रूद्र की रसीद पर 3 और महारुद्र की रसीद पर 5 श्रद्धालुओं को गर्भगृह से दर्शन करने की अनुमति रहेगी। यदि श्रद्धालु परिवार के तीन सदस्यों को गर्भगृह में जल चढ़ाना है, तो उन्हें 1400 की रसीद के अलावा 1000 रुपए एक अतिरिक्त रसीद भी कटवाना होगी।