उज्जैन. चरक अस्पताल में तीन दिन के भीतर मानवता को शर्मसार करने वाला एक और मामला सामने आया है। 22 दिन की मासूम को गंभीर हालत में लेकर पहुंची दादी और अन्य परिजन इलाज के लिए इधर से उधर ढाई घंटे तक भटकते रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। इस बीच उसकी सांस थम गई। बिलखती दादी ने कहा जहां बेटी के उपचार के लिए आए थे, वहीं उसकी मौत का जिम्मेदार हैं।