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‘महाकाल लोक’ को भुनाने की प्लानिंग, दलित और आदिवासियों पर भी कांग्रेस की नजर

30 अक्टूबर को फाइनल होगा रूट, 2 से 5 नवंबर तक पता चलेगी राहुल के उज्जैन आने की तारीख

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उज्जैन। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उज्जैन में महाकाल लोक भी जाएंगे। कांग्रेस के दिग्गज नेता इस यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवेश से लेकर प्रदेश के बाहर जाने तक का पूरा रूट प्लान तैयार करने में जुटे हैं। यह यात्रा 20 नवंबर को बुरहानपुर के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। हालांकि उज्जैन में कार्यक्रम की तारीखें फिलहाल तय नहीं हो पाई हैं। कांग्रेस की यात्रा नर्मदा नदी का पूजन, अंबेडकर की जन्म स्थली महू और उज्जैन में महाकाल लोक को भी भुनाने की तैयारी में है।

देशभर को एक साथ जोडऩे के लिए भारत जोड़ो यात्रा कर रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की मप्र में केवल एक ही सभा उज्जैन में है। हालांकि अभी उनके उज्जैन आने की तारीख तय नहीं है, लेकिन 2 से 5 नवंबर के बीच इसका पता चल जाएगा। इसके साथ ही 30 अक्टूबर तक यह भी तय हो जाएगा कि वे इंदौर से उज्जैन आते समय कहां, कितनी देर ठहरेंगे और रात्रि विश्राम कहां करेंगे।

बता दें कि अब तक इंदौर से उज्जैन आने के दौरान उनका सांवेर में रात्रि विश्राम होगा, जबकि अगले दिन सुबह वहां से पैदल यात्रा के दौरान बीच में कहीं एक स्थान पर थोड़ा आराम करेंगे। तराना विधायक महेश परमार ने बताया कि मप्र में पूरी यात्रा की तैयारियों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की निगरानी में हो रही है। अब तक तय किए गए रूट को 30 अक्टूबर तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा, जबकि 2 से 5 नवंबर तक यह भी तय हो जाएगा कि किस तारीख को राहुल गांधी उज्जैन में आएंगे।

उज्जैन पहुंचकर सबसे पहले वे भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे एक सभा को संबोधित भी करेंगे, जो भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मप्र की एक मात्र सभा होगी। विधायक ने बताया कि सभा के लिए प्रदेशभर से 5 लाख लोगों की भीड़ इकट्ठा होगी, जिसके लिए प्रदेशभर के ब्लॉक, बूथ, व गांव प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक की राहुल के उज्जैन आने की संभावित तारीखों में 1-2 दिसंबर है।

यह है संभावित तारीखें

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 20 नवंबर को बुरहानुर के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। प्रदेश में यात्रा के प्रभारी पीसी शर्मा के साथ ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, मुकेश नायक, अरुण यादव, महेश जोशी, बाला बच्चन, रवि जोशी सहित कई दिग्गज नेता पूरे रूट का दौरा कर रहे हैं। यात्रा मध्यप्रदेश में किन-किन रास्तों से गुजरेगी, कहां यात्रा का विश्राम होगा, उन स्पाट्स का चयन किया जाएगा, जहां पर धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होना है।

मध्यप्रदेश के इन वोटर्स पर कांग्रेस की नजर

अपनी यात्रा के दौरान कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा को देखते हुए वोटर्स को भी लुभाने की तैयारी में है। कांग्रेस की यह यात्रा प्रदेश के 6 जिलों की 8 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। यात्रा बुरहानपुर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगी। इस दौरान निमाड़, मालवा अंचल, नर्मदा पूजन, महू में ट्राइबल और दलित वोटर्स समेत उज्जैन के महाकाल लोक को भी भुनाने का प्रयास करेगी।

महाकाल लोक को कैसे भुनाएंगी कांग्रेस

कांग्रेस ने उज्जैन में राहुल गांधी की सभा रखी है। कांग्रेस का कहना है कि जिस महाकाल लोक का उद्घाटन पीएम ने किया, उसे लेकर कांग्रेस ने कहा है कि इस योजना को तो कांग्रेस सरकार में स्वीकृत किया गया था, 300 करोड़ रुपए कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने स्वीकृत किए थे। इसका श्रेय भाजपा ले रही है। कांग्रेस राहुल गांधी की सभा के जरिए इस मुद्दे को भी भुनाना चाहती है। जबकि सीएम शिवराज सिंह कई बार कह चुके हैं कि महाकाल लोक की अवधारणा सिंहस्थ 2016 में आई थी। तब भाजपा सरकार ने ही इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी।

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