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फाइनल का दिन हमारा नहीं था… अब भी सताती है वल्र्ड कप की हार

अंडर-१९ क्रिकेट टीम के खिलाड़ी राहुल बाथम बोले...राहुल द्रविड सर से काफी कुछ सीखा है, अब प्रदर्शन पर ध्यान

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प्रशांत शर्मा@उज्जैन. बांग्लादेश में आयोजित हुए अंडर-१९ वल्र्डकप के फाइनल में वेस्टइंडीज के हाथों मिली हार अब भी सताती है। टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल का दिन हमारा नहीं था और खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर सके और हमें हार का सामना करना पड़ा। यह कहना है कि अंडर-१९ वल्र्डकप टीम के सदस्य राहुल बाथम का जो उज्जैन में परमानंद भाई पटेल अंडर-२२ ट्रॉफी में भोपाल संभाग की ओर से खेलने के लिए आए हैं। मैच के दूसरे दिन राहुल ने अपनी टीम के लिए शतक भी लगाया है और उनके शतक से भोपाल ने उज्जैन पर बढ़त हासिल की है।


टीम इंडिया के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए राहुल का कहना है कि कि राहुल सर (राहुल द्रविड़ अंडर-१९ कोच) से काफी कुछ सीखने को मिला है। उनका क्रिकेट के प्रति समर्पण वाकई काबिले तारिफ है। इतने सीनियर खिलाड़ी होने के बाद भी वे जूनियर खिलाड़ी को सिखाने में कभी पीछे नहीं हटे हैं। अब उनका ध्यान लगातार प्रदर्शन करते हुए रणजी टीम का हिस्सा बनना है और फिर वहा से टीम इंडिया में शामिल होकर देश के लिए खेलना चाहते हैं।

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मध्यमवर्गीय परिवार से हैं संबंध
ग्वालियर में जन्मे और भोपाल से अपने क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत करने वाले राहुल मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। पिता राजेंद्र कुमार बाथम निजी कंपनी में कार्यरत हैं और मां बीना बाथम गृहिणी है। छोटी बहन आशी बाथम अभी पढ़ाई कर रही है। क्रिकेट की शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा था, स्कूल और कोचिंग के लिए समय देना पड़ता था। भोपाल की अंकुर क्रिकेट अकादमी से क्रिकेट शुरू करने वाले राहुल अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के साथ कोच ज्योति प्रकाश त्यागी और साथी खिलाडि़यों को देते हैं।

पांच मैच खेले वल्र्डकप में
राहुल ने अंडर-१९ वल्र्डकप में टीम इंडिया की ओर से पांच मैच खेले थे। इनमें आयरलैंड, न्यूजीलैंड, नामीबिया, सेमीफाइनल में श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ फाइनल मैच शामिल है। इन पांच मैचों में ऑलराउंडर के तौर पर राहुल ने छह विकेट चटकाए और फाइनल मैच में २१ रनों की पारी के साथ कुछ ६० रन बनाए थे। क्रिकेट कॅरियर की बात करें तो राहुल ने वर्ष २०१२-१३ में अंडर-१४ डिवीजन क्रिकेट से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष २०१३-१४ में अंडर-१५, वर्ष २०१५-१६ में अंडर-१६ प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्म किया। इसी वर्ष इंडिया केम्प के लि बेंगलुरु शामिल हुए। इसके बाद उनका अंडर-१९ के लिए टीम इंडिया में चयन हुआ।

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