
नागपुर। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ लगातार 9 मुकाबले हारने के बाद उतार- चढ़ाव से भरे पहले इडेन गार्डंस टेस्ट को किसी तरह ड्रॉ कराने वाली श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के लिए शुक्रवार से एक नई चुनौती शुरू होगी। एकतरफ जहां इस सीरीज को दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी के तौर पर देख रही भारतीय टीम तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपने प्रदर्शन को सुधारना चाहेगी, वहीं श्रीलंका के लिए इस बार भारत को हराकर उसका विजय रथ रोकना होगा।
ग्रीन टॉप विकेट की है उम्मीद
भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन की मांग के अनुरुप नागपुर में भी तेज गेंदबाजों को मदद देने वाला ग्रीन टॉप विकेट मिलने की उम्मीद है। गुरुवार सुबह तक पिच से घास नहीं काटी गई थी। यदि एेसी ही पिच रही तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक बार फिर चुनौतीपूर्ण मुकाबला होगा। खासतौर पर निजी कारणों से इस मैच से हट गए शिखर धवन की जगह लगभग ७ महीने बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे सलामी बल्लेबाज मुरली विजय को खुद को स्विंग गेंदबाजी पर साबित करने की परीक्षा देनी होगी।
कड़ी टक्कर दी थी श्रीलंका ने
श्रीलंकाई टीम ने कोलकाता में हुए पहले टेस्ट में टीम इंडिया को कड़ी टक्कर दी थी और अपने खिलाफ लगातार 10वीं जीत से वंचित किया था। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने पहली पारी में भारत को मात्र १७२ रन पर लुढ़का दिया था। लेकिन पांचवें दिन नंबर एक टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपनी नाबाद 104 रन की शतकीय पारी से मुकाबला पलट कर रख दिया और मैच अंतत: ड्रॉ समाप्त हुआ। ये टेस्ट भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन के लिए याद रखा जाएगा, जिन्होंने रिकॉर्ड 17 विकेट चटकाए।
खराब रोशनी का साथ श्रीलंका को नहीं मिलता तो भारतीय तेज गेंदबाजों की तिकड़ी भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और उमेश यादव बाकी बचे तीन विकेट भी चटकाकर अपनी टीम को जिता सकती थी। श्रीलंका के लिए एक अहम बात नागपुर टेस्ट में भुवनेश्वर कुमार की अनपुस्थिति रहेगी, जो अपनी शादी के कारण सीरीज के बाकी दोनों मैच से हट गए हैं। भुवनेश्वर ने कोलकाता टेस्ट की दोनों पारियों में 4-4 विकेट लिए थे और उनकी स्विंग को खेलना श्रीलंका के लिए आसान नहीं रहा था। भुवनेश्वर की जगह टीम में आए ऑलराउंडर विजय शंकर के लिए भी मौका मिलने पर खुद को साबित करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा।
भारतीय बल्लेबाज नहीं समझ पाए जीवंत विकेट
इडेन की जीवंत पिच पर टीम इंडिया के बल्लेबाजी प्रदर्शन को देखा जाए तो पहली पारी में साफ दिखा कि राहुल, धवन, विराट, अजिंक्या रहाणे रविचंद्रन अश्विन सभी से विकेट को समझने में गलतियां हुईं और वह गलत शॉट खेलकर आउट हुये। चेतेश्वर पुजारा एकमात्र ऐसे बल्लेबाज थे, जिन्होंने विकेट पर टिककर रन बनाए। दूसरी पारी में भी धवन, राहुल व विराट ही विकेट को समझ पाए। एेसे में भारतीय बल्लेबाजों के लिए नागपुर टेस्ट बेहद अहम होगा। उधर, श्रीलंका को देखें तो अनुभवी एंजेलो मैथ्यूज, कप्तान दिनेश चांडीमल, निरोशन डिकवेला और लाहिरू थिरिमाने का प्रदर्शन पहली पारी में ग्रीन पिच पर काफी अच्छा रहा, लेकिन दूसरी पारी में खराब हो चुके विकेट पर ये भी फेल हो गए। टेस्ट में दोनों ही तरफ की गेंदबाजी का भार एक बार फिर तेज गेंदबाजों के कंधें पर रहने की उम्मीद की जा रही है।
Published on:
23 Nov 2017 11:34 pm

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