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Mahakal Temple: महाकाल के भक्तों को मिलेगा घर जैसा खाना, 1 घंटे में बनेंगी 8 हजार रोटीयां, जानिए कैसे

उज्जैन। बाबा महाकाल के भक्तों को जल्द नए अन्न क्षेत्र में घर जैसा भोजन मिलेगा। यहां का भोजन जितना सात्विक होगा, व्यवस्थाएं उतनी ही आधुनिक। सब्जी धोने, काटने और पकाने से लेकर बर्तन धोने तक का काम ऑटोमैटिक मशीनों से होगा। त्रिवेणी संग्रहालय के सामने स्थित वाहन पार्किंग के नजदीक नया अन्न क्षेत्र बनकर तैयार हो गया है। यहां 6 करोड़ की आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं।

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Baba Mahakal

ये मशीनें मिनटों में बना देंगी हजारों का भोजन

● छलनी: आटा छानने के लिए ऑटोमैटिक छलनी।

● मल्ली मशीन : 4 मशीन एक बार में 100 किलो आटा गूंथेगी।

● रोटी मेकर : चार मशीन एक घंटे में 8 हजार रोटी बनाएगी।

● वेजिटेबल वॉशर : सब्जी धुलकर कोल्ड रूम में रख दी जाएगी।

● केटल : इसमें सब्जी, दाल, चावल बनाए जा सकते हैं। एक मशीन की क्षमता करीब ढाई क्विंटल की है। तीन मशीन आ चुकी हैं। अभी कुछ मशीनें और आएंगी।

● ट्रॉली : भोजन परोसने के लिए ट्राली रहेंगी।

● डिश वॉशर : बर्तन धोने का काम ऑटोमेटिक होगा। इसके लिए हांगकांग से डिश वॉशर मशीन मंगवाई है, जो कुछ दिन में उज्जैन पहुंच जाएगी।

पांच गुना से अधिक हुई क्षमता

महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र में अभी एक साथ 150 लोगों को भोजन कराया जाता है। दिन भर में 2300 लोग भोजन करते हैं। 51 हजार वर्ग फीट में बने नए अन्न क्षेत्र में एक समय में 1000 तो दिन भर में 15 हजार से अधिक लोग भोजन प्रसादी ले सकेंगे।