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बर्बादी: कोरोना के कहर से जूझ रहे शहर में टूट गया क्षिप्रा का बांध

Ujjain News: खान का गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए बनाया मिट्टी का स्टॉप डैम टूट गया

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Earthen dam broken, dirty water found in Shipra river

Ujjain News: खान का गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए बनाया मिट्टी का स्टॉप डैम टूट गया

उज्जैन। एक तरफ सारा शहर और पूरा देश कोरोना रूपी महामारी के कहर से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ खान का गंदा पानी क्षिप्रा में मिलने से रोकने के लिए बनाया गया मिट्टी का स्टॉप डैम टूट गया, जिससे बड़ी मात्रा में गंदा पानी क्षिप्रा में मिल गया। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई थी योजना, जिसके बाद भी खान का गंदा पानी क्षिप्रा में लगातार मिल ही रहा था, जिसे रोकने के लिए मिट्टी का यह बांध बनाया था, जो रविवार को टूट गया।

करीब 100 करोड़ की बनाई थी योजना
खान नदी का गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए शनि मंदिर के पास बनाया गया मिट्टी का कच्चा स्टॉप डैम रविवार सुबह टूट गया। डैम से बड़ी मात्रा में गंदा पानी क्षिप्रा नदी में मिल गया। दरअसल सिंहस्थ के दौरान करीब 100 करोड़ रुपए का खर्च कर खान डायवर्सन योजना बनाई थी। योजना के बाद भी खान का पानी क्षिप्रा नदी में मिल रहा था। पिछले दिनों इस पानी को रोकने के लिए करीब 15 लाख रुपए से मिट्टी का कच्चा बांध बनाया गया था। डेढ़ साल पहले बना यह बांध पिछले दो दिन से दरक रहा था। प्रशासन के पास इसकी सूचना भी थी, लेकिन समय रहते डैम को सुधारने का काम नहीं किया गया। लिहाजा रविवार सुबह अचानक डैम की मिट्टी धंस गई और पानी क्षिप्रा नदी में जा मिला।

दो दिनों से बढ़ रहा था दबाव
त्रिवेणी पर खान पर बने मिट्टी के डैम का कटाव करीब दो-तीन दिनों से बढ़ता ही जा रहा था। शनिवार को डेम के ऊपरी हिस्से तक पानी का दबाव आने लगा था। डेम के ऊपरी हिस्से की मिट्टी धंसती जा रही थी। निगमायुक्त ऋषि गर्ग ने कहा कि त्रिवेणी स्टाप डैम के गेट बंद होने से गंदा पानी जलप्रदाय वाले गऊघाट की तरफ नहीं जा रहा है। अभी गऊघाट तरफ से पानी नहीं लिया जा रहा था।