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उज्जैन. मी-टू कैंपेन का असर देशभर में दिख रहा है। हर महिला अपनी समस्या को उठा रही है। ऐसी एक महिला ने अपनी समस्या बेनामी तौर पर विक्रम विश्वविद्यालय के समक्ष उठाई है। यहां एक चिट्ठी पहुुंची, जो मी-टू कैंपेन के दौरान (एक माह पहले) ही विवि कैम्पस पहुंची। इसमें परीक्षा विभाग के अधिकारियों व महिला कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि चिट्ठी में भेजने वाले का नाम नहीं है, लेकिन जो बातें लिखी गई हैं। विभाग की स्थिति बिल्कुल वैसी ही है। इसके बाद विवि अधिकारियों में हड़कंप मच गया। साथ ही आचार संहिता हटते ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जाएगी। इसके तहत परीक्षा विभाग के काफी कर्मचारी इधर से उधर होंगे।
पति को पिला देते हैं शराब
विवि प्रशासनिक अधिकारियों को चिट्ठी पहुंची है। वह एक कर्मचारी की पत्नी ने लिखी है। उसने लिखा है कि विभाग में कुछ महिला कर्मचारी की गैंग सक्रिय है। इनका व्यवहार ठीक नहीं है। इसी के साथ कुछ कर्मचारी उसके पति को शराब पिला देते हैं। माह के शुरुआत में वेतन आते ही अपने लटके-झटके से काफी पैसा खर्च करवा देते हैं। विभाग में आए दिन पार्टी होती है। विवि में ऐसी दो चिट्ठी आ चुकी हैं।
बेनामी चिट्ठी के बाद गोपनीय जांच
विवि के अधिकारियों को बेनामी चिट्ठी मिली। लगातार मुसीबत में फंस रहे अधिकारियों ने मामले को हल्के में नहीं लिया। तत्काल विभाग को चिट्ठी गई, लेकिन अधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं होने के कारण गोपनीय रूप से कुछ लोगों से जानकारी जुटाई गई। इसके बाद कुछ बातों में सत्यता पाई गई। विवि के सूत्रों का कहना है कि चिट्ठी जिसने लिखी, विवि के अधिकारियों ने यह भी जानकारी जुटा ली है और संबंधित कर्मचारी को समझाया है कि ऐसी कोई हरकत नहीं हो। इससे अधिकारियों पर आंच आ जाए। विवि कुलसचिव डीके बग्गा का कहना है कि कोई भी बेनामी चिट्ठी के संबंध में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
Updated on:
29 Nov 2018 07:50 pm
Published on:
30 Nov 2018 07:00 am
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