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देशभक्ति, जीवन दर्शन और हास्य-व्यंग्य से सजी प्रस्तुतियां

नव संवत्सर पर जैन कवि संगम की काव्य गोष्ठी संपन्न गुड़ी पड़वा के अवसर पर कवियों ने बिखेरा काव्य रस
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उज्जैन

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rishi jaiswal

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Updated: 20 Mar 2026, 7:58 PM IST

नव संवत्सर पर जैन कवि संगम की काव्य गोष्ठी संपन्न

नव संवत्सर पर जैन कवि संगम की काव्य गोष्ठी संपन्न

उज्जैन. शहर में नव संवत्सर और गुड़ीपड़वा के शुभ अवसर पर जैन कवि संगम द्वारा भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेमचंद सृजन पीठ के निदेशक मुकेश जोशी रहे, जबकि अध्यक्षता जैन कवि संगम के प्रदेश अध्यक्ष सुगनचंद जैन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्रारंभ में डॉ. खुशबू बाफना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

गोष्ठी में विभिन्न रचनाकारों ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. अर्चना बाफना ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत की, वहीं डॉ. अमरीश जैन और राकेश खेमसरा ने भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को भावुक किया। संगीता तल्लेरा, सुदीप जैन और दिलीप जैन ने जीवन दर्शन पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं।

अनिल पांचाल ‘सेवक’ ने मालवी भाषा में अपनी रचना प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। योगेंद्र बैनाड़ा और सुगनचंद जैन की कविताओं ने नववर्ष की उमंग और सकारात्मक संदेश से माहौल को खुशनुमा बना दिया।

व्यंग्य और सम्मान के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के दौरान सभी कवियों और कवयित्रियों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि मुकेश जोशी ने अपने संबोधन में वर्तमान बफेट व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत कर श्रोताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन योगेंद्र बैनाड़ा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन राकेश चौरडिया द्वारा किया गया। आयोजन ने नववर्ष के अवसर पर साहित्य और संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।