उज्जैन में अब रोचक संघर्ष हो गया है। कांग्रेस की दूसरी सूची में उज्जैन दक्षिण से चेतन यादव और बडऩगर विधानसभा से वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काटकर राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। टिकट मिलते ही यादव के होटल के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया, खूब तिशबाजी की। उज्जैन दक्षिण में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मोहन यादव का मुकाबला युवा चेतन यादव से होगा।
उज्जैन में अब रोचक संघर्ष हो गया है। कांग्रेस की दूसरी सूची में उज्जैन दक्षिण से चेतन यादव और बडऩगर विधानसभा से वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काटकर राजेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। टिकट मिलते ही यादव के होटल के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया, खूब तिशबाजी की। उज्जैन दक्षिण में भाजपा प्रत्याशी डॉ. मोहन यादव का मुकाबला युवा चेतन यादव से होगा। कांग्रेस ने अनुभवी के सामने युवा चेहरा देकर जहां
जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की वहीं मुकाबले को कश्मकश भरा कर दिया। इधर बडऩगर सीट से बेटे के विवाद के चलते विधायक मोरवाल का टिकट कट गया।
चेतन यादव
उम्र- 44 वर्ष
शिक्षा - सिविल इंजीनियर, एलएलबी
पेशा- होटल संचालक
राजनीतिक अनुभव-छात्र राजनीति से शुरुआत, 2000 में पार्षद, प्रदेश कांग्रेस महासचिव
टिकट क्यों मिला- युवा चेहरा, कुछ अन्य समाजों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मांग
गुट- अरुण यादव
भाजपा ने उज्जैन दक्षिण से उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को तीसरी बार टिकट दिया है। उनके नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस के चेतन यादव के दावेदारी को बल मिला था। अब कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद दक्षिण सीट का भी चुनावी चेहरा साफ हो गया है। इस सीट पर अब यादव समाज के प्रत्याशी ही आमने-सामने होंगे। चुनाव में अनुभवी के सामने युवा चेहरा होगा। इसका असर यहां के जातिगत समीकरणों पर पडऩे की संभावना है। दरअसल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में राजपूत समाज का बाहुल्य है। इसके अलावा ब्राह्मण और बैरवा समाज के भी बड़ी संख्या में वोट हैं। दोनों दलों ने इस बार राजपूत या ब्राह्मण समाज से प्रत्याशी नहीं लिया है। ऐसे में अब जातिगत की जगह दलगत मत अधिक मायने रख सकते हैं।
नर्मदा-चंबल लिंक प्राथमिकता: सोलंकी
उम्मीदवार - राजेंद्र सिंह सोलंकी
उम्र - 41 वर्ष
शिक्षा - एलएलबी
दिग्विजय सिंह गुट से जुड़े हैं, उन्हीं के प्रयासों से टिकट मिला।
टिकट क्यों- हरनावदा के सरपंच और जिला पंचायत सदस्य होने के साथ बडऩगर अभिभाषक संघ अध्यक्ष रहे हैं। राजपूत बाहुल्य क्षेत्र में समाज से वोट देकर सामाजिक वोट साधने के चलते टिकट दिया। वर्तमान विधायक मुरली मोरवाल का विरोध और बेटेे पर बलात्कार के आरोप के चलते टिकट कटा है।
सोलंकी बोले, पार्टी ने विश्वास किया, उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। मेरी प्राथमिकता में नर्मदा और चंबल लिंक योजना रहेगी।
बडऩगर में कांग्रेस ने राजपूत कार्ड चला
कांग्रेस ने बडऩगर में राजेंद्र सिंह सोलंकी पर भरोसा जताया। सोलंकी जिला पंचायत उपाध्यक्ष का चुनाव एक वोट से हारे थे। इस सीट से दो अन्य राजपूत समाज के प्रत्याशी भी दावेदारी कर रहे थे। माना जा रहा था कि यदि बडनगर से मुरली मोरवाल का टिकट काटता है तो राजपूत समाज के उम्मीदवार को कांग्रेस प्रत्याशी बनाएगी। इसका असर उज्जैन दक्षिण पर पड़ेगा। हुआ भी ऐसा ही है।
बेटे के विवाद के चलते मोरवाल का टिकट काटा
बडऩगर सीट से कांग्रेस ने अपने विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काट दिया। बेटे करण मोरवाल के कारण विवादों में फंसे मुरली मोरवाल को टिकट खोने के रूप में इस विरोध का खमियाजा भुगतना पड़ा है। पार्टी ने किसी प्रकार की रिस्क न लेते हुए यहां नए चेहरे को मैदान में उतारा है। बडऩगर में सोलंकी का भाजपा के किस प्रत्याशी से मुकाबला होगा फिलहाल तय नहीं है। भाजपा से यहां प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। हालांकि पूर्व विधायक शांतिलाल धवाई, महेश पंड्या और संजय शर्मा की दावेदारी मानी जा रही है।
भाजपा की तीन सीटों पर इंतजार
उज्जैन जिले में कांग्रेस ने सभी सातों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, वहीं भाजपा को उज्जैन उत्तर, बडऩगर और महिदपुर से प्रत्याशी घोषित करना शेष है।