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जज बने साइबर ठगों के शिकार, UPI से बदमाशों ने उड़ाए 4.30 लाख रूपये

MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में जज के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है।

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एआई जनरेटेड फोटो

MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में नासिक के जज के साथ उज्जैन में मोबाइल चोरी की वारदात ने साइबर ठगी की ऐसी पेचीदा तस्वीर सामने ला दी कि पीड़ित को न्याय दिलाने की प्रक्रिया ने कई खाताधारकों को डिजिटल लॉक की स्थिति में पहुंचा दिया। नासिक के जज सखाराम के चोरी हुए मोबाइल से 4.30 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन यूपीआइ से कुछ खातों में पहुंची। ये सभी खाते 10 महीने से होल्ड हैं। इन खातों का धारक अब अपने ही पैसों के उपयोग से वंचित है।

दरअसल, 4 अप्रैल 2025 को जज सखाराम महाकाल दर्शन के लिए परिवार के साथ उज्जैन आए। वह परिवार के साथ रात को लौट रहे थे। नरवर स्थित देवश्री रेस्टोरेंट पर भोजन के दौरान उनका मोबाइल चोरी हो गया। उन्होंने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके अगले दिन पता चला कि उनके यूपीआइ से नानाखेड़ा क्षेत्र के एमपी ऑनलाइन सहित 8 प्रतिष्ठानों पर 4.30 लाख रुपए का भुगतान हो चुका है।

यवतमाल पुलिस फ्रीज कराए खाते

महाराष्ट्र की यवतमाल साइबर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित खातों को फ्रीज कराया, ताकि रकम सुरक्षित रहे और आरोपियों तक पहुंचा जा सके। जांच में सामने आया कि बदमाशों ने दुकानों से महंगे सामान खरीदे। 50 हजार रुपए एमपी ऑनलाइन से कैश लिए। जिन बदमाशों ने यह ट्रांजेक्शन किया, दुकानदारों ने उनके सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे। जिन खातों में जज के यूपीआइ से रकम पहुंची, वे सीधे आरोपी नहीं थे, लेकिन जांच की कड़ी बन गए। बैकिंग नियमों के तहत खाते फ्रीज कर दिए, जिससे खाताधारकों का लेन-देन प्रभावित हो गया। कई खाताधारक बार-बार बैंक और पुलिस के पास पहुंच रहे है, लेकिन जांच पूरी नहीं होने से राहत नहीं मिल पा रही।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह समझना है कि चोरी हुए मोबाइल की सुरक्षा परतों को पार कर यूपीआइ ट्रांजेक्शन कैसे किए गए। जिन बदमाशों ने मोबाइल चोरी किया, उन्होंने कैसे मोबाइल और यूपीआइ के पासवर्ड क्रेक किए। पुलिस का कहना है, जिन भी खातों में फ्रॉड के रुपए ट्रांसफर होते हैं, वे खाताधारक सभी इसकी जद में आते हैं। जांच जारी रहने तक यह रुपए फ्रीज रहते हैं।

जज को दुकानदार लगा रहे फोन

एमपी ऑनलाइन संचालक आशीष यादव ने बताया कि उनका खाता फ्रीज हुए 8 माह से अधिक हो गए। कई बार नरवर थाने में इसे लेकर शिकायत की। यहां तक की जज साहब को फोन लगाया। पुलिस का कहना है कि खाते तभी ओपन होंगे, जब जज एनओसी देंगे या मोबाइल चोर पकड़ में आ जाए।