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शाजापुर. स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों के लिए ज्योतिनगर क्षेत्र में तीन मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। करीब दो साल पहले बनकर तैयार हुई ये बिल्डिंग धूल खा रही है। बिल्डिंग के पास ही सीएमएचओ निवास भी बनाया गया है, जो लगभग पूर्ण रूप से तैयार है, लेकिन इसे अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है। बिल्डिंग के क्वार्टर हैंडओवर नहीं करने को लेकर बाउंड्रीवाल और सर्विस रोड नहीं होना बताया जा रहा है, लेकिन इस स्थिति में शाजापुर ट्रांसफर होकर नए सीएमएचओ को अभी रहने के लिए शासकीय आवास नहीं मिला है।
बता दें कि अभी तक होमगार्ड ऑफिस के पास स्थित शासकीय क्वार्टर में सीएमएचओ निवास है। शाजापुर से सीएमएचओ डॉ. जीएल सोढी का ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन उन्होंने भवन खाली नहीं किया है। ऐसे में तबादला होकर आए नए सीएमएचओ डॉ. प्रकाश विष्णु फुलंबिकर होटल में एक सप्ताह से ठहरे हुए हैं। अब तक अफसर ने इस बिल्डिंग को हैंडओवर नहीं किया है, जिससे स्टाफ को आवास की कमी महसूस हो रही है।
बाउंड्रीवाल और सडक़ नहीं बनी
ज्योतिनगर क्षेत्र में दो साल पहले ही बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन इस बिल्डिंग तक पहुंचने के लिए सर्विस रोड नहीं है। साथ ही बिल्डिंग की बाउंड्रीवाल भी नहीं बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग इंजीनियर ज्योति अकोदिया ने बताया कि अभी सर्विस रोड और बाउंड्री नहीं होने के कारण बिल्डिंग व सीएमएचओ आवास हैंडओवर नहीं किया गया है। बिल्डिंग दो साल पहले बनकर तैयार हो गई, लेकिन बाउंड्रीवाल और सडक़ नहीं बनी, जिसका प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
धूल खा रही बिल्डिंग, हो सकता है नुकसान
ज्योतिनगर के अंतिम छोर पर उक्त बिल्डिंग व सीएमएचओ निवास बनाया गया है, जो अब धूल खा रहा है। खास बात यह है कि जब पत्रिका टीम वहां पहुंची तो भवन का एक दरवाजा खुला हुआ था। भवन में कांच के खिडक़ी, दरवाजे सहित महंगा सामान लगा हुआ। जिसके टूटने या गायब होने का भी डर है। अगर समय पर बिल्डिंग को हैंडओवर नहीं किया गया तो जल्द धूल खा रही ये करोड़ों रुपए की बिल्डिंग खंडर बन सकती है।
तीन मंजिला बनी है दो बिल्डिंग
डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के रहने लिए ज्योतिनगर के अंतिम छोर पर दो बड़ी बिल्डिंग बनाई गई हैं, साथ ही सीएमएचओ आवास भी बनाया गया है। तीन मंजिला इन बिल्डिंग को दो साल पहले से चकाचक कर दिया गया। इन दोनों बिल्डिंग में कुल 14 क्वार्टर हैं। साथ ही एक सीएमएचओ निवास है, लेकिन अन्य सुविधाएं नहीं होने के कारण इन भवन के आंगन में ही घास व अन्य खरपतवार खड़े हैं। साथ ही बाउंड्रीवाल भी नहीं है।
पूर्व सीएमएचओ सोढ़ी शिफ्ट नहीं हुए हैं, इसलिए लिए होटल में रह रहा हूं। मैं अभी नया आया हूं, स्टाफ के लिए बिल्डिंग व भवन की मुझे जानकारी नहीं है।
- डॉ. प्रकाश विष्णु फुलंबिकर, सीएमएचओ
एप्रोच रोड और बाउंड्रीवाल का काम रह गया है। राशि आते ही कार्य किया जाएगा। जिसके बाद बिल्डिंग हैंडओवर कर दी जाएगी।
- ज्योति अकोदिया, इंजीनियर स्वास्थ्य विभाग
Published on:
09 Aug 2019 08:02 am
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