उज्जैन. शहर में लंबे समय से अटके केडी गेट से इमली चौराहे तक 1250 मीटर लंबे मार्ग को चौड़ीकरण का काम रविवार से शुरू हो गया। सुबह-सुबह निगम की टीम जेसीबी व डंपर के साथ पहुंची तो रहवासियों में हलचल मच गई। पहले निगम ने मकानों को तोडऩा शुरू किया तो बाद में लोग खुद ही अपने हाथों से आशियाना तोडऩा शुरू कर दिया। दिनभर चली कार्रवाई में क्षेत्र में 25 के करीब मकान तोड़े गए। वहीं मकान टूटने के बाद पूरे क्षेत्र में धूल के गुबार व मलबा फैला हुआ था। एहतियातन बिजली की आपूर्ति रोक दी गई थी। बता दें कि केडी गेट चौड़ीकरण में 439 मकान आ रहे हैं। करीब 15 मीटर रोड चौड़ा किया जाएगा ।इसमें दोनों ओर से 7.50 मीटर मकानों को तोड़ा जा रहा है।
भारी सुरक्षा इतंजाम किए
केडी मार्ग चौडीकरण का काम शुरू होने से पहले तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस पहुंच गई थी। वहीं क्षेत्र की लाइट भी बंद कर दी गई थी। मकान तोडऩे की कार्रवाई के दौरान एक रहवासी ने विरोध भी किया। जिसे पुलिस पकडक़र ले गई। इस दौरान राजनीतिक लोग और निगम अधिकारी लोगों को समझाइश भी देते रहे। क्षेत्र के पूर्व पार्षद शाकिरभाई खालवाले ने आगे आकर अपना मकान तोड़ा।
मलबा उठाने तो तार काटे
मार्ग पर मकान टूटने के बाद क्षेत्रीय लोग ही मलबा उठाने लगे, जबकि मलबा ठेकेदार को उठाना था। शाम के समय कुछ लोगों ने बिजली के तार भी काट दिए। इस पर विद्युत कंपनी की टीम ने लाइन जोड़ी। लोक निर्माण विभाग प्रभारी शिवेंंद्र तिवारी ने बताया कि चौड़ीकरण के दौरान कोई बड़ा विरोध सामने नहीं आया। वहीं निगमायुक्त रौशनकुमार सिंह ने उपायुक्त चंद्रशेखर निगम को तकनीकी दल का प्रभारी बनाया।
जैन मंदिर को नोटिस पर विरोध
केडी गेट मार्ग चौड़ीकरण की जद 475 वर्ष पुराना एक जैन मंदिर भी आ रहा है। नगर निगम द्वारा मंदिर को भी चौड़ीकरण के तहत नोटिस देने पर समाजजनों ने विरोध जताया। इसको लेकर बैठक आयोजित की गई और प्राचीन मंदिर का हवाला देकर इसे नहीं तोडऩे की बात कही गई। पार्षद रजत मेहता ने बताया कि निगम अधिकारियों से कहा है कि पहले मकानों को तोड़ लिया जाए फिर धर्मस्थल के बारे में चर्चा की जाएगी।